जहां से शुरू हुआ वहीं लौट रहा युद्ध, जेलेंस्‍की का दावा- रूस के अहम ठ‍िकानों पर क‍िए घातक हमले

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Russia Ukraine War: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोद‍िमीर जेलेंस्‍की ने दावा किया क‍ि रूस की तरफ से युद्ध समाप्त करने से इनकार करने के जवाब में यूक्रेनी सेना ने रूस पर हमले क‍िए हैं. जेलेंस्‍की का कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य रूस पर दबाव बढ़ाना और उसे युद्ध समाप्त करने के लिए मजबूर करना है.

जेलेंस्की के मुताबिक, यूक्रेनी सेना ने रूस और उसके कब्जे वाले इलाकों में कई महत्वपूर्ण सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर सफल लंबी दूरी के हमले किए हैं. यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि यह स्वाभाविक है कि अब युद्ध वहीं लौट रहा है, जहां से इसकी शुरुआत हुई थी.

यूक्रेन के राष्‍ट्रपत‍ि वोलोद‍िमीर जेलेंस्‍की ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में कहा कि ”हमारे सैनिकों ने रूस और यूक्रेन के अस्थायी रूप से कब्जे वाले इलाकों में मौजूद महत्वपूर्ण ठिकानों पर लंबी दूरी के हमले करके अच्छे परिणाम हासिल किए हैं. हमारी सीमा से 700 किलोमीटर से भी अधिक दूर, रूस के यारोस्लाव्ल क्षेत्र में एसएसयू के सैनिकों ने एक ऐसे तेल भंडारण केंद्र को निशाना बनाया जो आक्रामक राज्य के रणनीतिक भंडार के लिए महत्वपूर्ण था.

छह हवाई अड्डों पर हवाई यातायात संबंधी प्रतिबंध

जेलेंस्की ने दावा किया कि ”हमारी सेना ने रूस के तुला क्षेत्र में भी अपने लक्ष्य पर सफलतापूर्वक हमला किया, जिसमें ‘अजोट’ प्लांट भी शामिल है, जिसका संचालन विस्फोटक बनाने की रूस की क्षमता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. वहीं, इन हमलों के बाद रूस के छह हवाई अड्डों पर हवाई यातायात संबंधी प्रतिबंध लगाए गए और कल शाम से अब तक रूस के 28 क्षेत्रों में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई है. इतना ही नहीं, जेलेंस्की ने यह भी बताया क‍ि यूक्रेन के अस्थायी रूप से कब्जे वाले क्षेत्रों में भी कब्जा करने वाली सेना की सैन्य लॉजिस्टिक्स सुविधाओं पर सफल हमले किए गए.

जवाब में मिला लगातार बढ़ती आक्रामकता

जेलेंस्की ने क‍हा क‍ि रूस की ओर से युद्ध समाप्त करने से इनकार करने के जवाब में यूक्रेन रूस के खिलाफ अपनी लंबी दूरी की कार्रवाई की योजना और मध्यम दूरी के हमलों से जुड़े निर्धारित कार्यों को जारी रखे हुए है. हमने रूसी नेतृत्व को बातचीत के लिए हर संभव तरीका और अवसर दिया, लेकिन जवाब में हमें सिर्फ लगातार आक्रामकता और उसे और बढ़ाने की कोशिशें ही मिलीं. अब युद्ध वापस उस ओर लौट रहा है जहां से इसकी शुरुआत हुई थी.

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