‘खुलेआम कर रहा जंग की तैयारी’,  यूक्रेन विवाद को लेकर यूरोपीय देशों पर भड़का रूस

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी जंग को सुलझाने के लिए के लिए एक ओर अमेरिका के 20 सूत्रीय प्लान पर विचार किया जा रहा है, तो दूसरी ओर रूस ने कीव पर बड़ा हमला बोला है. ऐसे में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का कहना है कि यूरोपीय यूनियन युद्ध को लेकर सही तरीके से बातचीत करने के लिए तैयार नहीं है.

लावरोव ने यूक्रेन को लगातार सपोर्ट देने के लिए ईयू को फटकार लगाई. साथ ही उन्होंने कहा कि “यूरोपीय संघ यूक्रेन विवाद पर अच्छी बातचीत के लिए तैयार नहीं है. वह रूस के साथ खुलेआम जंग की तैयारी कर रहा है.”

कीव को हथियार दें रहे कई देश: लावरोव  

इस दौरान रूसी विदेश मंत्री ने याद दिलाया कि “कुछ अपवादों को छोड़कर, लगभग सभी यूरोपीय देश कीव सरकार को पैसे और हथियारों से भर रहे हैं, जबकि रूस लड़ाई के मैदान में शांति की पहल कर रहा है. साथ ही उन्‍होंने ये भी कहा कि ईयू यह भी सपना देख रहा है कि पाबंदियों के दबाव में रूसी अर्थव्यवस्था गिर जाएगी.”

उन्होंने कहा, “अमेरिका में नई सरकार आने के बाद, यूरोप और यूरोपीय संघ शांति के लिए मुख्य रुकावट बनकर उभरे. वे इस बात को छिपा नहीं रहे हैं कि वे रूस के साथ लड़ाई के मैदान में लड़ने के लिए तैयार हो रहे हैं.”

रूसी विदेश मंत्री ने की अमेरिका के कोशिशो की सराहना

रूसी विदेश मंत्री ने युद्ध रोकने के लिए अमेरिका की कोशिशों की सराहना करते हुए कहा, “रूस, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम की शांति समझौते की कोशिशों की तारीफ करता है. हम झगड़े की असली वजहों को सुलझाने के लिए पक्के समझौते करने के लिए अमेरिकी बातचीत करने वालों के साथ काम करते रहने के लिए तैयार हैं.” 

बातचीत के लिए तैयार नहीं जेलेंस्‍की

उन्होंने कहा कि हम देख रहे हैं कि व्लादिमीर जेलेंस्की का राज और उनके यूरोपियन प्रबंधक अच्छी बातचीत के लिए तैयार नहीं हैं. कीव सामने से फ्रंटलाइन पर हालात बदलने की अपनी कोशिशों पर अड़ा हुआ है. यूक्रेन हमारे देश में नागरिकों के इमारतों को निशाना बनाकर अपनी तोड़-फोड़ की हरकतों से आम लोगों को डराता है.

यूरोपीय देशों की रूस के खिलाफ युद्ध की चेतावनी को लेकर लावरेव ने कहा कि “यूरोपीय संघ रूस के साथ काम करने के तरीकों को खत्म करने की कोशिश कर रहा है. बता दें कि यह सब 2014 के आसपास शुरू हुआ, जब ज्यादातर यूरोपीय देशों में सत्ताधारी एलीट क्लास ने तथाकथित रूसी खतरे के बारे में बोलना शुरू कर दिया और अपने लोगों में रूस से नफरत और सैन्य वाली भावनाएं भड़काना शुरू कर दिया.

उन्‍होंने कहा कि मैं इस बात पर खास जोर देना चाहूंगा कि उनकी तरफ से ये काम पूरी तरह से गैर-कानूनी थे. रूस ने कभी भी अपने यूरोपियन पड़ोसियों को दुश्मनी भरे कामों से टारगेट करने की पहल नहीं की. उर्सुला वॉन डेर लेयेन, फ्रेडरिक मर्ज, कीर स्टारमर और इमैनुएल मैक्रों जैसे नेता ऐसी जगह पहुंच गए हैं जहां से वापसी मुमकिन नहीं है, यह कहना मुश्किल है.”

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