Kyiv: पिछले 24 घंटों में पूरे यूक्रेन में हुए रूसी हमलों में 27 लोगों की मौत हो गई और 127 लोग घायल हो गए. इनमें से सबसे अधिक नुकसान निप्रो रेलवे स्टेशन पर दिन के समय हुए ड्रोन हमले में हुआ. क्षेत्रीय गवर्नर ओलेक्सांद्र हंझा ने बताया कि 29 अक्टूबर की सुबह स्टेशन के एक प्लेटफॉर्म पर रूसी हमला हुआ, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए. एक यात्री ट्रेन ज़ापोरिज़िया के लिए रवाना होने की तैयारी कर रही थी, तभी स्टेशन पर रूसी हमला हुआ.
इलेक्ट्रिक ट्रेन को निशाना बनाया
निप्रो के मेयर बोरिस फिलातोव ने बताया कि रूसी ड्रोन ने यात्रियों को ले जाने वाली इलेक्ट्रिक ट्रेन को निशाना बनाया. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले को भयावह बताते हुए रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की है. यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी के मुताबिक, ड्रोन ने उस प्लेटफॉर्म पर हमला किया, जहां निप्रो से जापोरिजिया जाने वाली ट्रेन संख्या 866 खड़ी थी. ट्रेन रवाना होने की तैयारी कर रही थी और प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे.
हवाई हमले के खतरे को लेकर चेतावनी जारी
रेलवे कंपनी ने बताया कि हवाई हमले के खतरे को लेकर चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद स्टेशन पर लोग मौजूद थे. ड्रोन हमले के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और बचाव अभियान चलाया गया. यूक्रेन के मुताबिक, रूस ने 2026 के पहले आठ महीनों में उसके रेलवे नेटवर्क पर 1,600 से ज्यादा हमले किए हैं. इन हमलों में ट्रेनों, रेल इंजनों और रेलवे से जुड़े दूसरे ठिकानों को निशाना बनाया गया. यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्रिय सिबिहा के अनुसार, 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से रूस 500 से ज्यादा रेल इंजनों को नुकसान पहुंचा चुका है या नष्ट कर चुका है. इनमें आधे से ज्यादा घटनाएं इसी साल हुई हैं.
केवल यात्रियों के आवागमन का साधन नहीं
यूक्रेन के लिए रेलवे केवल यात्रियों के आवागमन का साधन नहीं है, बल्कि अनाज, जरूरी सामान और राहत सामग्री पहुंचाने का भी प्रमुख माध्यम है. ऐसे में रेलवे नेटवर्क पर हमलों से देश की परिवहन व्यवस्था और अर्थव्यवस्था दोनों प्रभावित हो रही हैं.
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