US Medicare Fraud: अमेरिका में 227 मिलियन डॉलर (करीब 1,900 करोड़ रुपये) के बड़े मेडिकेयर फ्रॉड में भारतीय मूल के नागरिक सैयद मुर्तुजा कबलजादा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. सैयद मुर्तुजा ने बताया कि उसने पाकिस्तान की एक कंपनी को करीब 11 मिलियन डॉलर (लगभग 92 करोड़ रुपये) देकर लाखों अमेरिकी मेडिकेयर लाभार्थियों का निजी डेटा खरीदा था. इसी डेटा का इस्तेमाल कर कोरोना टेस्ट किट के नाम पर अमेरिकी सरकार से करोड़ों डॉलर का फर्जी भुगतान हासिल किया गया.
अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के अनुसार, 36 वर्षीय सैयद मुर्तुजा कबलजादा इलिनॉय के डेस प्लेन्स में रहता था. जनवरी 2023 से शुरू हुए इस पूरे खेल में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर शिकागो इलाके की तीन मेडिकल लैबोरेटरी खरीदी थीं. इनमें शिकागो केयर, वी केयर और अल-अमीर शामिल हैं.
पाकिस्तान की कंपनी से खरीदा गया डेटा
जांच में पता चला कि आरोपी ने पाकिस्तान स्थित एक टेलीमार्केटिंग कंपनी को करीब 11 मिलियन डॉलर का भुगतान किया था. इसके बदले उसे लाखों मेडिकेयर लाभार्थियों की व्यक्तिगत पहचान से जुड़ी जानकारी मिली. इसमे उन लोगों की निजी जानकारियां थीं, जिनका इस्तेमाल बाद में फर्जी मेडिकल क्लेम तैयार करने के लिए किया गया. आरोपी और उसके साथियों ने इन तीनों लैबोरेटरी के जरिए मेडिकेयर को ओवर-द-काउंटर कोविड-19 टेस्ट किट के नाम पर 227 मिलियन डॉलर यानी करीब 1,900 करोड़ रुपये के फर्जी बिल भेजे.
न ही टेस्ट किट की मांग और न ही डिलीवर…
हैरानी की बात ये थी कि जिन लोगों के नाम पर ये बिल बनाए गए, उन्होंने न तो इन टेस्ट किट की मांग की थी और न ही उन्हें कोई किट डिलीवर की गई थी. इसके बावजूद मेडिकेयर ने इन फर्जी दावों के आधार पर करीब 136 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1,140 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया. अमेरिकी जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे फ्रॉड से मिली रकम को छिपाने के लिए आरोपी और उसके साथियों ने विदेशों में मनी ट्रांसफर और बिना लाइसेंस वाले मनी ट्रांसमीटरों का इस्तेमाल किया. इस पैसे का एक हिस्सा लग्जरी गाड़ियां खरीदने में भी लगाया गया.
जांच के दौरान कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने 10 बैंक खातों से 46 मिलियन डॉलर से ज्यादा की रकम जब्त की. आरोपी ने अपने अनुबंध की दलील के तहत इस रकम को जब्त किए जाने पर सहमति जताई है. सैयद मुर्तुजा कबलजादा ने हेल्थकेयर फ्रॉड के दो मामलों में अपना जुर्म कबूल किया है. उसे अभी सजा नहीं सुनाई गई है. अमेरिकी कानून के तहत इन मामलों में उसे अधिकतम 20 साल तक की जेल हो सकती है. अंतिम सजा का फैसला संघीय अदालत के जज करेंगे.
45 अरब डॉलर से ज्यादा के फर्जी बिल भेजने का आरोप
इस मामले की जांच FBI के शिकागो फील्ड ऑफिस और अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग के इंस्पेक्टर जनरल कार्यालय (HHS-OIG) ने की है. अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, हेल्थकेयर फ्रॉड के खिलाफ चल रहे उसके स्ट्राइक फोर्स प्रोग्राम के तहत 2007 से अब तक 6,200 से ज्यादा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है. इन आरोपियों पर सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और निजी बीमा कंपनियों को 45 अरब डॉलर से ज्यादा के फर्जी बिल भेजने का आरोप है.

