पुतिन को इंग्लिश चैनल में लगा बड़ा झटका, रूस के तेल टैंकर पर UK का कब्जा 

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Russian Oil Tanker: ब्रिटिश सेना ने इंग्लिश चैनल में रूस की कथित शैडो फ्लीट से जुड़े एक तेल टैंकर पर धावा बोल दिया. करीब छह घंटे चले इस ऑपरेशन में रॉयल मरीन कमांडो, नेशनल क्राइम एजेंसी के विशेष अधिकारी और रॉयल एयर फोर्स शामिल रहे. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने ऑपरेशन के बाद कहा, ‘यह कार्रवाई रूस के खिलाफ एक और बड़ा झटका है.’
बता दें कि इंग्लिश चैनल ब्रिटेन और फ्रांस के बीच का समुद्री इलाका है. रूस की राजधानी मॉस्को से इसकी दूरी करीब 2000 किलोमीटर है. ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पकड़े गए जहाज का नाम स्मिर्टोस (Smyrtos) है, जो फिलहाल इंग्लैंड के दक्षिणी तट के पास निगरानी में रखा गया है.

कैमरून के झंडे तले चल रहा था जहाज 

समुद्री ट्रैकिंग वेबसाइट के मुताबिक, यह जहाज कैमरून के झंडे तले चल रहा था. 5 जून को यह रूस के उस्त-लूगा बंदरगाह से रवाना हुआ था, जो सेंट पीटर्सबर्ग के पास स्थित एक बड़ा तेल टर्मिनल है. इसके बाद यह पश्चिम की ओर बढ़ते हुए इंग्लिश चैनल पहुंचा. खास बात ये है कि जुलाई 2025 में इस जहाज पर प्रतिबंध लगाए गए थे. तब इसका नाम मिर्टोस (Myrtos) था. हालांकि प्रतिबंधों के बाद इसने अपना नाम और झंडा दोनों बदल लिए.

क्या है रूस की शैडो फ्लीट?

दरअसल, पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों से बचने के लिए रूस लंबे समय से तथाकथित शैडो फ्लीट का इस्तेमाल कर रहा है. इसमें 700 से अधिक जहाज शामिल बताए जाते हैं. ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय का दावा है कि रूस के प्रतिबंधित तेल का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं जहाजों के जरिए दुनिया भर में पहुंचाया जाता है. और यही वजह है कि इन जहाजों को क्रेमलिन की आर्थिक लाइफलाइन माना जाता है.
पूर्व सशस्त्र बल मंत्री अल कार्न्स ने बताया कि ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा था. सैनिक समुद्र के ऊपर बेहद निचली उड़ान भरते हुए जहाज के करीब पहुंचे, फिर रस्सियों के जरिए जहाज पर उतरे और उसे सुरक्षित कर ब्रिटिश जलक्षेत्र में ले आए. उन्होने बताया कि ऑपरेशन में RAF का पी-8 विमान, HMS सदरलैंड, HMS लेडबरी और मैरिटाइम एयर ग्रुप के एयरक्राफ्ट भी शामिल थे.

फ्रांस भी ऑपरेशन में रहा शामिल

ब्रिटिश सरकार का कहना है कि उसका मकसद रूस की तेल कमाई को रोकना है,जिससे यूक्रेन युद्ध के लिए मिलने वाली फंडिंग को रोका जा सके. ऐसे में ब्रिटेन अब तक 500 से ज्यादा जहाजों पर प्रतिबंध लगा चुका है, जिसके तहत ऐसे जहाज ब्रिटिश बंदरगाहों में घुस नहीं सकते. साथ ही ब्रिटिश कंपनियां उन्हें वित्तीय, बीमा या ब्रोकरेस सेवाएं भी नहीं दे सकतीं.

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के अनुसार यह कार्रवाई फ्रांस के साथ समन्वय में की गई. हाल ही में फ्रांस ने भी रूस की शैडो फ्लीट से जुड़े एक प्रतिबंधित तेल टैंकर को रोकने का दावा किया था, जिसमें ब्रिटेन ने हेलीकॉप्टर सहायता उपलब्ध कराई थी.

More Articles Like This

Exit mobile version