Saudi Arabia Bangladesh Execution: बांग्लादेश के एक कपल को जिस तरह मक्का मस्जिद में अनैतिक आचरण के लिए सऊदी अरब में मौत की सजा दी गई है, उससे पूरे बांग्लादेश के अंदर बहुत ज्यादा आक्रोश है. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि मामले में स्पष्टता नहीं रखी गई, दोनों के साथ कब क्या किया गया, क्या उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया या नही इसके बारे में कोई भी जानकारी बांग्लादेश की सरकार से क्यों नहीं शेयर की गई, कई ऐसे सवाल उठे हैं.
बता दें कि पहले मीडिया में खबर आई कि दोनों पति-पत्नी हैं और दोनों को मक्का शहर की एक मस्जिद में ‘अनैतिक’ गतिविधि करने के आरोप में दोषी ठहराने के बाद मौत के घाट उतारा गया. लेकिन अब दोनों के परिवार ने साफ कर दिया है कि ऐसा कोई रिलेशन नहीं था. ऐसे में ही अब एक और ऐसी खबर आई है जो बांग्लादेशियों के लिए अहम है- दरअसल, सऊदी अरब की जेलों में कैद 22 बांग्लादेशी नागरिकों के नामों के आगे ‘दोषी’ शब्द लिखा हुआ है. इन सबपर मौत की तलवार लटक रही है.
अभी भी कोई स्पष्टता नहीं
बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, भले इन 22 बांग्लादेशी नागरिकों के नामों के आगे ‘दोषी’ शब्द लिखा हुआ है लेकिन सऊदी सरकार द्वारा भेजी गई लिस्ट में उनकी सजा के बारे में नहीं बताया गया है. यानी उन्हें जेल की सजा सुनाई गई है या मौत की, यह स्पष्ट ही नहीं है. रिपोर्ट के अनुसार, जेद्दा में मौजूद बांग्लादेश का महावाणिज्य दूतावास को भी इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है. यही सवाल मौत की सजा पाने वाले दोनों बांग्लादेशियों, नजरुल इस्लाम और स्वीटी अख्तर के मामले में उठा था कि वियना कन्वेंशन के तहत बांग्लादेश को कोई पूर्व सूचना क्यों नहीं दी गई थी.
बांग्लादेश ने सऊदी से मांगी जानकारी
इस रिपोर्ट के अनुसार, जेद्दा में मौजूद बांग्लादेश महावाणिज्य दूतावास ने सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय की जेद्दा शाखा को 19 अक्टूबर को एक पत्र भेजा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बाकी बचे 20 बांग्लादेशियों को क्या सजा दी गई है. वहीं, सऊदी अरब द्वारा दी गई लिस्ट के अनुसार, इन 22 लोगों में से 8 पर हत्या, 5 पर ड्रग्स की तस्करी और 5 पर ‘व्यक्तिगत अधिकारों’ से जुड़े मामलों में मुकदमा चलाया गया है. दो मामले सऊदी के कानूनों के उल्लंघन से, एक साइबर अपराध से और एक व्यभिचार से संबंधित हैं.
बता दें कि नजरुल को 1 अगस्त 2023 को सऊदी अरब के साइबर क्राइम कानून के तहत हिरासत में लिया गया था. जबकि अगले दिन स्वीटी अख्तर को व्यभिचार (एडल्टरी) के आरोपों में हिरासत में लिया गया था. कुल मिलाकर 22 लोगों में से 6 लोग जेद्दा की धहबान जेल में, 6 शुमैसी में, 4 जेद्दा जनरल जेल में और बाकी 6 लोग नजरां, खमीस, अल-बहा, हदा और जेद्दा की महिला जेलों में बंद किए गए थे. 2 अब मौत की सजा पा चुके हैं.
सजा वाला कॉलम खाली
रिपोर्ट के मुताबिक, 30 सितंबर को सऊदी विदेश मंत्रालय ने 2,461 बांग्लादेशी कैदियों की लिस्ट भेजी. ये सभी कैदी जेद्दा में बांग्लादेश वाणिज्य दूतावास के इलाके में बंद हैं. इनमें से कुछ कैदियों का केस पूरा हो चुका है और उन्हें सजा भी मिल चुकी है, जबकि कुछ के केस अभी चल रहे हैं. लिस्ट चेक करने पर वाणिज्य दूतावास ने देखा कि कई कैदियों के नाम के आगे स्टेटस में ‘दोषी’ लिखा है, लेकिन उनके फैसले का सारांश वाला कॉलम खाली है. उसमें न तो ये लिखा है कि सजा क्या है और न ही कितने समय की सजा है.
इसके बाद वाणिज्य दूतावास ने 19 अक्टूबर को सऊदी विदेश मंत्रालय की जेद्दा (मक्का क्षेत्र) शाखा को पत्र लिखा. उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग से बात करके फैसलों की जानकारी जल्द भेजी जाए. पत्र में कहा गया है कि अपनी ड्यूटी पूरी करने के लिए उन्हें ये जानकारी चाहिए.

