ट्रंप की चापलूसी में जुटे थे शहबाज शरीफ, उनके ही देश के लोगों ने की थू-थू

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Shebaz Sharif : हाल ही में मिस्र में हुए गाजा शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंच को लगभग डोनाल्ड ट्रंप की प्रशंसा सभा में बदल दिया. बता दें कि उन्‍होंने ट्रंप को ‘शांति पसंद शख्स’ बताया और ये भारत-पाकिस्‍तान युद्ध को रोकने का श्रेय देते हुए कहा कि उन्‍होंने लाखों लोगों की जान बचाई. इतना ही नही बल्कि शरीफ ने यह भी कहा कि वे ट्रंप को दोबारा नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करेंगे. इस पर ट्रंप ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ‘वाह! मैंने ये उम्मीद नहीं की थी.’

सोशल मीडिया पर जमकर हुई आलोचना

जानकारी देते हुए बता दें कि एक तरफ जहां ट्रंप ने इस तारीफ का लुत्फ उठाया, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर शरीफ की जमकर आलोचना हुई. ऐसे में कई यूजर्स ने कमेंट करते हुए पाकिस्‍तान को शर्मनाक बताया. इसके साथ ही पाकिस्तानी राजनेता और इतिहासकार अम्मार अली जान ने सोशल मीडिया के X पर लिखा कि ‘शहबाज शरीफ की डोनाल्ड ट्रंप के लिए लगातार और बेवजह की गई तारीफ दुनियाभर में पाकिस्तानियों के लिए शर्मिंदगी का कारण है.’

प्राप्त जानकारी के अनुसार कॉलमिस्ट एस.एल. कंठन ने भी तंज कसते हुए लिखा कि ‘जब भी ट्रंप को अपने जूते चमकवाने की जरूरत होती है, वह पाकिस्तान के ‘नन्हे प्रधानमंत्री’ को बुलाते हैं. उन्‍होंने ये भी कहा कि भू-राजनीति में इतना शर्मनाक नजारा पहले कभी नहीं देखा.’

ट्रंप के नेतृत्व में हासिल हुई शांति- पीएम शरीफ

ऐसे में शरम अल-शेख में विश्व नेताओं को संबोधित किया और बताया कि शरीफ ने दोहराया कि ट्रंप ने भारत-पाक संघर्ष को रोकने में अहम भूमिका निभाई थी. इतना ही नही बल्कि मिनटों के भाषण में उन्‍होंने कई बार ट्रंप की इजराइल-हमास संघर्षविराम कराने की कोशिशों की भी तारीफ की. ऐसे में ट्रंप की तारीफ करते हुए शरीफ ने कहा कि ‘आज आधुनिक इतिहास के सबसे महान दिनों में से एक है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में शांति हासिल हुई है.

ट्रंप को लेकर शरीफ ने कही ये बात  

इसके बाद शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान ने ट्रंप के ‘शांति को बढ़ावा देने में अद्भुत योगदान’ को मान्यता देने के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया है. उन्होंने ये भी कहा कि ‘यह उनका सम्मान करने के लिए हमारी तरफ से सबसे छोटा कदम है.

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