Jaspal Rana Mother Dies: मशहूर शूटर और कोच जसपाल राणा की मां का भी निधन हो गया है. उन्होंने दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल में मंगलवार को इलाज के दौरान अंतिम सांस ली. जसपाल राणा की मौत से उनकी मां को गहरा सदमा लगा था और वह अस्पताल में भर्ती थीं. जसपाल सिर्फ 49 साल के थे. परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक, 78 साल की श्यामा देवी राणा की तबीयत लंबे समय से ठीक नहीं थी. उनकी हालत काफी नाजुक बनी हुई थी.
पूरे परिवार में शोक का माहौल
बेटे जसपाल राणा के निधन के बाद उनकी तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई थी. इस घटना के बाद पूरे परिवार में शोक का माहौल है. बता दें कि चार दिन पहले ही जसपाल राणा का निधन हुआ था. जसपाल एशियाई खेलों के पूर्व गोल्ड मेडलिस्ट थे और ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर की सफलता में भी उनका अहम योगदान रहा. जसपाल म्यूनिख में हुए ISSF वर्ल्ड कप के बाद जर्मनी से लौट रहे थे और इस दौरान उनकी अचानक से तबीयत बिगड़ गई.
2 गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीतने में सफल
इसके बाद उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह मौजूदा समय में भारतीय पिस्टल निशानेबाजों के हाई परफॉर्मेंस कोच के रूप में काम कर रहे थे. उनकी अगुवाई में भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में 2 गोल्ड और दो सिल्वर मेडल जीतने में सफल रही थी. जसपाल ने अपने करियर के दौरान एशियाई खेलों, कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई चैंपियनशिप में कई मेडल जीते और भारत के दमदार शूटर के तौर पर विश्व में अपनी पहचान बनाई.
भारत का प्रतिनिधित्व किया और 15 पदक जीते
उन्होंने अपने शानदार करियर में कॉमनवेल्थ गेम्स के चार संस्करणों- 1994, 1998, 2002 और 2006 में भारत का प्रतिनिधित्व किया और कुल 15 पदक जीते. इनमें 9 गोल्ड, 4 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे. इसके अलावा उन्होंने एशियन गेम्स में भी देश के लिए कई मेडल जीते. 1994, 1998 और 2006 के एशियन गेम्स में उन्होंने कुल 8 मेडल हासिल किए.
योगदान बतौर कोच भी यादगार
खिलाड़ी के साथ-साथ उनका योगदान बतौर कोच भी यादगार रहा. उन्होंने अपनी अगुवाई में भारत को कई बड़े शूटर दिए, जिन्होंने विश्व स्तर पर देश का परचम लहराया. जसपाल को एनआरएआई की तरफ से 25 मीटर पिस्टल इवेंट के लिए हाई परफॉर्मेंस कोच नियुक्त किया गया था. इस खेल में कड़ी ट्रेनिंग रूटीन को शुरू करने का श्रेय जसपाल को दिया जाता है.
2020 में द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित
जसपाल की देखरेख में पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो गोल्ड मेडल जीते थे. मनु यह कारनामा करने वाली पहली भारतीय शूटर बनी थीं. जसपाल को बतौर कोच उनके योगदान के लिए साल 2020 में द्रोणाचार्य अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था.
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