South Korea Cyber Attack: दक्षिण कोरिया में लगातार हो रहे साइबर हमलों और वित्तीय संस्थानों से ग्राहकों की निजी जानकारी लीक होने के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है. हाना बैंक, केबी कूकमिन बैंक और शिनहान बैंक समेत कई वित्तीय कंपनियों को निशाना बनाए जाने के बाद रविवार को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने मामले की पूरी जांच के आदेश दिए हैं. इन साइबर हमलों में ग्राहकों की निजी जानकारी लीक होने के मामले सामने आए हैं. राष्ट्रपति ने संबंधित अधिकारियों को मामले को गंभीरता से लेने और साइबर हमलों से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं.
राष्ट्रपति ने अधिकारियों को दिए जांच के निर्देश
योनहाप न्यूज एजेंसी के मुताबिक, राष्ट्रपति की प्रवक्ता कांग यू-जुंग ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि ली जे म्युंग को हाल में वित्तीय और सरकारी संस्थानों में हुए डेटा लीक तथा इन घटनाओं से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई. प्रवक्ता के अनुसार, राष्ट्रपति ने अधिकारियों से पूरे मामले की जांच करने, इसे गंभीरता से लेने और समस्या से निपटने के लिए जरूरी कार्रवाई करने को कहा है.
शिनहान बैंक के 25 हजार ग्राहकों की जानकारी लीक
गुरुवार को शिनहान बैंक ने जानकारी दी कि उसके करीब 25 हजार ग्राहकों की निजी जानकारी लीक हुई है. लीक हुई जानकारी में ग्राहकों के नाम, फोन नंबर और सालाना आय जैसी जानकारियां शामिल थीं. सूत्रों के मुताबिक, शिनहान बैंक पर साइबर हमला करने वाले हैकरों ने एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का इस्तेमाल किया था.
हाना बैंक के ग्राहकों का डेटा भी लीक
हाना बैंक के भी 89 ग्राहकों की निजी जानकारी लीक होने का पता चला है. इसके अलावा वूरी बैंक और एनएच नोंगह्युप बैंक को भी इसी तरह के साइबर हमलों में निशाना बनाने की कोशिश की गई. हालांकि, इन दोनों बैंकों ने अपने सिस्टम में बिना अनुमति दाखिल होने की कोशिश को रोक दिया. इस वजह से ग्राहकों की निजी जानकारी लीक होने से बच गई.
वित्तीय संस्थानों के प्रमुखों के साथ होगी इमरजेंसी बैठक
फाइनेंशियल सर्विसेज कमीशन के चेयरमैन ली इओग-वोन और फाइनेंशियल सुपरवाइजरी सर्विस के गवर्नर ली चान-जिन का रविवार को प्रभावित वित्तीय कंपनियों के प्रमुखों के साथ इमरजेंसी बैठक करने का कार्यक्रम था. इस बैठक में हालिया साइबर हमलों और ग्राहकों की निजी जानकारी लीक होने के मामलों पर चर्चा की जानी थी. साथ ही वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा और इन हमलों से निपटने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी विचार किया जाना था.
कई वित्तीय संस्थानों को निशाना बनाए जाने के बाद बढ़ी चिंता
यह बैठक ऐसे समय बुलाई गई है, जब हाना बैंक, केबी कूकमिन बैंक और शिनहान बैंक समेत कई वित्तीय संस्थानों में लगातार साइबर हमलों और ग्राहकों की जानकारी लीक होने के मामले सामने आए हैं. वित्तीय निगरानी संस्था ने पहले यह बैठक बुधवार को करने की योजना बनाई थी. लेकिन पिछले कुछ दिनों में साइबर हमलों का असर दूसरे वित्तीय संस्थानों तक भी पहुंचने के बाद बैठक को पहले करने का फैसला लिया गया और इसे रविवार को बुलाया गया.
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