South Korea President India Visit: दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग भारत दौरे पर रवाना हो चुके हैं और रविवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे. इस यात्रा को रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते ग्लोबल एनर्जी मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है. राष्ट्रपति ली सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें सप्लाई चेन, ऊर्जा सुरक्षा और उभरती तकनीकों में सहयोग जैसे मुद्दों पर फोकस रहने की उम्मीद है.
भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों को मिलेगा नया बल
योनहाप न्यूज एजेंसी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ली जे म्युंग के बीच यह तीसरी आमने-सामने की बैठक होगी. इससे पहले दोनों नेताओं के बीच जी7 और जी20 शिखर सम्मेलनों के दौरान मुलाकात हो चुकी है. मौजूदा बैठक में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने और रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने पर जोर रहेगा.
इन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वाई सुंग-लैक ने संकेत दिया है कि इस समिट में शिपबिल्डिंग, मैरीटाइम इंडस्ट्री, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिफेंस सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी. इसके अलावा, मिडिल ईस्ट की स्थिति से पैदा हुई ऊर्जा सप्लाई चेन की अनिश्चितताओं को लेकर दोनों देश समन्वय बढ़ाने पर भी विचार कर सकते हैं.
बिजनेस फोरम में भी लेंगे हिस्सा
राष्ट्रपति ली भारत में कोरियाई कंपनियों के संचालन को मजबूत करने और नए निवेश के अवसर तलाशने के लिए एक बिजनेस फोरम में भी शामिल हो सकते हैं. भारत दक्षिण कोरियाई इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए एक बड़ा प्रोडक्शन हब और तेजी से बढ़ता कंज्यूमर मार्केट बन चुका है.
भारत के बाद वियतनाम दौरा
भारत यात्रा के बाद राष्ट्रपति ली मंगलवार को वियतनाम के हनोई के लिए रवाना होंगे. बुधवार को वह वियतनाम के राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट पार्टी के जनरल सेक्रेटरी टो लैम के साथ वार्ता करेंगे. इस बैठक में एनर्जी सप्लाई चेन और महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों पर सहयोग प्रमुख एजेंडा रहेगा.
वियतनाम में कई अहम मुलाकातें
राष्ट्रपति ली वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग और नेशनल असेंबली के चेयरमैन ट्रान थान मान से भी मुलाकात करेंगे. इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी. साथ ही, एक बिजनेस फोरम के जरिए निवेश और व्यापार को बढ़ावा देने पर भी फोकस रहेगा.
रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की कोशिश
इस पूरे दौरे के दौरान दक्षिण कोरिया तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने और वैश्विक स्तर पर अपनी कूटनीतिक पहुंच बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है. भारत और वियतनाम जैसे देशों के साथ साझेदारी को विस्तार देना इस रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है.
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