Strait of Hormuz : मिडिल ईस्ट से जारी तनाव के बीच अमेरिका जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित बनाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की घोषणा कर सकता है. बता दें कि दुनिया के प्रमुख देशों के सहयोग से बनने वाले इस गठबंधन का मकसद व्यापारिक जहाजों को समुद्री खतरे और बढ़ते तनाव से सुरक्षित रखना है. प्राप्त जानकारी के अनुसार यह कदम उस समय उठाया जा रहा है जब मध्यपूर्व में संघर्ष तेज हो रहा है और जलसंधि में आवाजाही लगभग ठप हो गई है, बता दें कि इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और ईंधन की कीमतों पर असर पड़ा है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक इस मामले को लेकर व्हाइट हाउस ने कोई टिप्पणी नहीं की. क्योंकि उनका कहना है कि युद्ध के हालात इस घोषणा के समय को प्रभावित कर सकते हैं. ऐसे में अमेरिका के करीबी सहयोगियों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपील पर अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है. जानकारी के मुताबिक, होर्मुज की सुरक्षा को लेकर ट्रंप ने देशों से कहा कि वे युद्धपोत भेजें ताकि कंटेनर जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित होकर गुजर सकें. क्योंकि यह जलमार्ग मार्च के पहले सप्ताह से लगभग बंद पड़ा है.
ट्रंप ने इन देशों से की अपील
प्राप्त जानकारी के अनुसार चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन को ट्रंप ने विशेष रूप से अपने आह्वान में शामिल किया. इस मामले को लेकर अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट का कहना है कि वे इन देशों के साथ बातचीत कर रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि चीन इस मामले में “सकारात्मक सहयोगी” बनेगा और जलसंधि खोलने में मदद करेगा. फिलहाल इस मामले को लेकर किसी भी देश ने स्पष्ट रूप से जवाब नही दिया कि वे युद्धपोत भेजेंगे या नहीं.
स्टामर ने ट्रंप से होर्मुज खोलने की चर्चा की
जानकारी के मुताबिक ब्रिटेन में प्रधानमंत्री कीर स्टामर ने ट्रंप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की अहमियत पर चर्चा की. इसके साथ ही अपने कनाडाई समकक्ष मार्क कैरी से भी अलग बातचीत की. ऐसे में चीन के अमेरिकी दूतावास का कहना है कि सभी पक्षों की जिम्मेदारी है कि ऊर्जा आपूर्ति स्थिर और बिना रुकावट के हो.
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा
इस मामले को लेकर दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वे ट्रंप की अपील को ध्यान में रखेंगे. इसके साथ ही स्थिति को सावधानीपूर्वक देखेंगे तथा वॉशिंगटन के साथ समन्वय करेंगे. जानकारी के मुताबिक ट्रंप की अपील पर जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची इस हफ्ते व्हाइट हाउस में ट्रंप से मिलने वाले हैं और उम्मीद है कि वे सीधे इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे.
ट्रंप की अपील पर फ्रांस का बयान
बता दें कि होर्मज की सुरक्षा को लेकर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि वे यूरोप, भारत और एशिया के देशों के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय मिशन पर काम कर रहे हैं, लेकिन मिशन तभी शुरू होगा जब परिस्थितियां अनुकूल हों. ऐसे में इसे लेकर जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने कहा कि “क्या हम जल्द ही इस संघर्ष का हिस्सा बनेंगे? नहीं.” इस दौरान यह स्पष्ट होता है कि जर्मनी मिशन में शामिल होने के लिए अनिच्छुक है.
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