Supersonic Aircraft: अमेरिका में ध्वनि की रफ्तार से भी तेज उड़ान भरने वाले सुपरसोनिक प्लेन वापस आने वाले हैं क्योकि अमेरिकी सरकार इन सुपसोनिक उड़ानों पर लगे 53 साल से ज्यादा पुराने बैन को खत्म करने की तैयारी कर रही है. दरअसल, अमेरिकी सरकार ने एक नया प्रस्ताव जारी किया है, जिसमें ऐसे विमानों के लिए शोर के आधार पर सीमा तय की गई है. अमेरिकी परिवहन विभाग ने मंगलवार को यह कदम उठाया.
वहीं, इससे पहले अमेरिका की स्पेस एजेंसी NASA ने इसी महीने अपने एक्सपेरिमेंट वाले X-59 विमान का सफल परीक्षण किया था. यह विमान आवाज की रफ्तार से भी तेज उड़ा, लेकिन इससे आमतौर पर होने वाली तेज धमाके जैसी आवाज (सोनिक बूम) नहीं हुई. बता दें कि सोनिक बूम इतनी तेज आवाज होती है कि इससे खिड़कियां हिल सकती हैं और ज्यादा तेज होने पर इमारतों को भी नुकसान पहुंच सकता है.
Wheels up for NASA’s X-59. ✈️
In its first wheels-up flight, the aircraft revealed its sleek, streamlined design—key to reducing sonic booms to a quiet thump.
See how this milestone moves us closer to quiet supersonic flight over land:https://t.co/GZ6BvYWwX3 pic.twitter.com/DIllDfQYiI
— NASA Aeronautics (@NASAaero) April 15, 2026
जमीन के ऊपर भी मैक से ज्यादा गति से उड़ेगा विमान
हालांकि अब अमेरिका का परिवहन विभाग (FAA) का नया प्रस्ताव 1973 से लागू उस नियम की जगह लेगा, जिसमें जमीन के ऊपर सुपरसोनिक उड़ानों पर पूरी तरह रोक थी. इस नए प्रस्ताव के मुताबिक, यदि विमान की आवाज तय सीमा से कम रहती है, तो वह जमीन के ऊपर भी मैक 1 (यानी आवाज की रफ्तार, करीब 767 मील प्रति घंटा) से ज्यादा गति से उड़ सकेगा.
क्या है अमेरिकी सरकार की तैयारी?
अमेरिका का परिवहन विभाग इस साल के अंत में एक और नियम लाने की तैयारी कर रहा है, जिसमें सुपरसोनिक विमानों के उड़ान भरने और उतरने के समय होने वाले शोर की सीमा तय की जाएगी. दोनों नियमों को 2027 के बीच तक अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल अमेरिका में किसी भी एयरलाइन को मैक 1 से तेज उड़ान भरने के लिए FAA से विशेष अनुमति लेनी पड़ती है. यह अनुमति सिर्फ रिसर्च और टेस्टिंग के लिए, सुनसान इलाकों में उड़ान भरने के लिए दी जाती है.
NASA की सुपरसोनिक लेकिन शांत उड़ान
बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में नासा ने अपनी ‘शांत’ सुपरसोनिक उड़ान का प्रदर्शन किया.X-59 विमान ने 43,400 फीट की ऊंचाई पर 713 मील प्रति घंटा (मैक 1.1) की अधिकतम रफ्तार हासिल की थी. हालांकि 5 जून को नासा ने कहा था कि X-59 को इस तरह बनाया गया है कि वह आवाज की रफ्तार से तेज उड़ सके, लेकिन तेज धमाके जैसी आवाज यानी सोनिक बूम की जगह सिर्फ हल्की-सी आवाज पैदा करे.

