155 दिनों की हिरासत के बाद अपने देश पहुंचे कंबोडिया के 18 सैनिक, शांति समझौते के बाद थाईलैंड ने किया रिहा

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Bangkok: शांति समझौते की शर्तों के बाद थाईलैंड ने बुधवार को 18 कंबोडियाई सैनिकों को रिहा कर दिया है. इन सैनिकों की वापसी आसियान के पर्यवेक्षक दल और इंटरनेशनल कमिटी ऑफ द रेड क्रॉस की निगरानी में हुई. पहले सीजफायर लागू होने के बाद 29 जुलाई की सुबह थाई सैनिकों ने बीस कंबोडियाई सैनिकों को पकड़ लिया था. दो को 1 अगस्त को वापस सौंप दिया गया था. एबीसी न्यूज के मुताबिक क्षेत्रीय दावों को लेकर दो दौर की विनाशकारी लड़ाई के बाद सैनिकों की रिहाई को लेकर कुछ रुकावट थी.

जिनेवा घोषणापत्र के नियमों के तहत रखने की इजाजत

थाईलैंड ने कहा था कि जिनेवा घोषणापत्र के नियमों के तहत उन्हें इन लोगों को रखने की इजाजत है. दावा किया गया था कि कैदियों को इंटरनेशनल रेड क्रॉस कमेटी से मिलने और इंटरनेशनल मानवीय कानून के तहत आने वाले दूसरे अधिकारों की इजाजत दी गई थी. कंबोडियाई रक्षा मंत्रालय ने कहा कि थाईलैंड की तरफ से 155 दिनों से हिरासत में लिए गए अठारह कंबोडियाई सैनिकों को रिहा कर दिया गया और वे सुरक्षित अपने वतन लौट आए.

लगभग 20 दिनों से चले संघर्ष पर विराम

बता दें कि दक्षिण-पूर्व एशियाई पड़ोसी शनिवार दोपहर लड़ाई रोकने पर राजी हो गए थे, जिससे लगभग 20 दिनों से चले संघर्ष पर विराम लग गया था. रॉयटर्स के अनुसार इस संघर्ष में करीब 101 लोग मारे गए और दोनों तरफ के पांच लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए थे. संघर्ष के दौरान फाइटर जेट का प्रयोग हुआ और रॉकेट दागे गए थे. शनिवार को दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने थाईलैंड के चंतबुरी प्रांत और कंबोडिया के पैलिन प्रांत के बीच बॉर्डर चेकपॉइंट पर सीज फायर समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.

18 कंबोडियाई सैनिकों को वापस भेजना सद्भावना

थाईलैंड के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 18 कंबोडियाई सैनिकों को वापस भेजना सद्भावना और भरोसा बनाने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मानवीय सिद्धांतों का पालन करने के तौर पर किया गया. कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह रिहाई निकट भविष्य में दोनों देशों और उनके लोगों के फायदे के लिए शांति, स्थिरता और रिश्तों के पूरी तरह से सामान्य होने के लिए अच्छा माहौल बनाती है.

72 घंटे के सीजफायर का पूरी तरह पालन

प्रवक्ता माली सोचेता ने कहा कि रिहाई 27 दिसंबर को जनरल बॉर्डर कमेटी (जीबीसी) की तीसरी विशेष बैठक के संयुक्त बयान के 11वें प्वाइंट के अनुसार की गई, जिसमें 72 घंटे के सीजफायर का पूरी तरह पालन करने के बाद रिहाई की बात कही गई थी, जो 27 दिसंबर को दोपहर से लागू था.

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