अचानक बदला मौसम, मूसलाधार बारिश मचाएगी तबाही, तूफान ‘ओलाना’ से कांपे वैज्ञानिक

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Tropical Storm Olana: अगले कुछ समय में मौसम का ऐसा खौफनाक तांडव देखने को मिलने वाला है, जिसने दुनिया भर के वैज्ञानिकों के होश उड़ने वाला है. आने वाले कुछ घंटे इंसानी बस्तियों और कुदरत के बीच एक ऐसा भयानक संघर्ष लेकर आ रहे हैं, जिसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी. आसमान से बरसने वाली पानी की बूंदें महज बारिश नहीं, बल्कि किसी बड़े सैलाब का पैगाम लेकर आ रही हैं, जो अपने साथ जमीनों को बहा ले जाने और सब कुछ नेस्तनाबूद करने की पूरी ताकत रखती हैं!

अचानक बदलेगा मौसम, मूसलाधार बारिश बहा जाएगी जमीनें!

मौसम में होने वाले इस अचानक और खतरनाक बदलाव ने पूरी दुनिया के वैज्ञानिकों को हिलाकर रख दिया है. तूफान ‘ओलाना’ अब अपने सबसे खतरनाक और डरावने दौर में दाखिल हो चुका है. वैसे तो मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ये तूफान सीधे तौर पर हवाई की जमीन से नहीं टकराएगा और समंदर से ही तीखा मोड़ लेकर आगे निकल जाएगा, लेकिन इसकी वजह से जो नमी पूर्व दिशा की तरफ बढ़ रही है, वो पूरे द्वीप के लिए भारी आफत बनने वाली है.

प्रशासन ने दी चेतावनी

आज रात तक द्वीपों की इस पूरी सीरीज में मूसलाधार बारिश, भयानक फ्लैश फ्लड यानी अचानक आने वाली बाढ़ और जगह-जगह लैंडस्लाइड की भयंकर आशंका बनी हुई है. ऐसे में प्रशासन ने साफ चेतावनी जारी की है कि समुद्र तटों की सैर पर निकले लोगों और पर्यटकों का मजा पूरी तरह से किरकिरा हो सकता है, इसलिए सतर्क रहना ही इकलौता बचाव है.

कमजोर हुआ तूफान, लेकिन खतरा अभी टला नहीं!

मौसम वैज्ञानियों ने समंदर में गरजते बादलों के जिस झुंड पर पैनी नजर रखी हुई थी, वीकेंड पर अपना दायरा बहुत तेजी से बढ़ा लिया, जो रविवार तक ताकतवर होकर ‘ट्रॉपिकल स्टॉर्म ओलाना’ में बदल गया. हालांकि, जैसे-जैसे ये आगे बढ़ा, इसकी हवा की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी और सोमवार शाम को इसे ‘ट्रॉपिकल रेनस्टॉर्म’ का दर्जा दे दिया गया.
ऐसे में भले ही हवाओं की रफ्तार कमजोर पड़ गई हो और ये तूफान सीधे तट से न टकराए, लेकिन इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि खतरा टल गया है! तेज हवा भले न चले, पर इसके साथ आने वाली विनाशकारी बारिश किसी भी वक्त भारी तबाही मचा सकती है. ऐसे में समंदर में बोटिंग करने वालों, बीच पर घूमने वालों और आइलैंड टूर पर निकले पर्यटकों के लिए आने वाले कुछ दिन बेहद मुश्किल भरे रहने वाले हैं.
इस तूफान के खतरे को एक्यूवोदर ने अपने ‘रियलइम्पैक्ट स्केल’ पर रेटिंग 1 दी है, जिसका मतलब ये है कि तूफान भले ही तेज हवाएं न लाए, लेकिन इससे होने वाली भारी बारिश और बाढ़ लोगों के जीवन और पूरी अर्थव्यवस्था को गहरा नुकसान पहुंचा सकती है.

होनोलूलू पर मंडराया इतिहास की सबसे भयानक बारिश का साया!

मौसम वैज्ञानिकों की माने तो अगले दो से तीन दिनों में कई इंच बारिश होने की संभावना है. पहाड़ी इलाकों में स्थिति और भी अधिक गंभीर हो सकती है, जहां कम समय में तेज बारिश के धमाके भयानक लैंडस्लाइड और अचानक आने वाली बाढ़ का कारण बन सकते हैं. इस दौरान ओआहू, मोलोकाई और माउई जैसे मध्य द्वीपों में 2 से 8 इंच तक बारिश होने का अनुमान है, जबकि पहाड़ी इलाकों में ये आंकड़ा 30 इंच तक पहुंच सकता है.
इसके अलावा, राजधानी होनोलूलू, जो अब तक इस सीजन के सबसे बुरे दौर से बची हुई थी, इस बार ओलाना के सीधे निशाने पर है. एक्यूवोदर के मुख्य हरिकेन एक्सपर्ट अलेक्जेंडर डासिल्वा के अनुसार, ‘एल नीनो (El Niño) के दौरान वायुमंडलीय परिस्थितियों में बदलाव प्रशांत महासागर के तूफानों के रास्ते को बदल देता है. इस तूफान की सबसे चिंताजनक बात ये है कि ये हवाई की ओर पश्चिम दिशा से आ रहा है, जो कि तूफानों के लिए बेहद असामान्य और दुर्लभ दिशा मानी जाती है’.

1982 के खौफनाक ‘इवा’ तूफान की यादें हुई ताजा!

अक्टूबर के अंत में इस तरह पश्चिम दिशा से तूफान का आना कोई सामान्य घटना नहीं है. इसने वैज्ञानिकों को 44 साल पुराने उस भयानक मंज़र की याद दिला दी है, जब 1982 के नवंबर महीने में ‘हरिकेन इवा’ (Hurricane Iwa) ने हवाई में भयंकर तबाही मचाई थी. इतिहास के पन्नों को पलटें तो नवंबर के महीने में मुख्य हवाई द्वीपों को प्रभावित करने वाला ‘इवा’ इकलौता तूफान रहा है.
अक्टूबर के महीने में मुख्य द्वीपों के 100 मील के दायरे में आने वाले सिर्फ दो ही तूफान दर्ज किए गए हैं, 1983 में ‘रेमंड’ और 2014 में ‘एना’. ऐसे में ओलाना का ये अनोखा रास्ता वैज्ञानिकों और स्थानीय प्रशासन दोनों की नींद उड़ा रहा है.

साल 2026: हवाई के लिए तूफानों का एक अजीब साल!

ये पूरा साल ही हवाई के लिए मौसम के मिजाज के लिहाज से बेहद अजीब और डरावना रहा है. साल 2026 में अब तक 5 नामी तूफान हवाई के बेहद करीब से गुजर चुके हैं.
  • 28 जुलाई: ‘फाउस्टो’ नाम का तूफान कमजोर होकर द्वीपों के उत्तरी तट से सिर्फ 200 मील की दूरी से गुजरा.
  • 16 अगस्त: ‘हरिकेन लाला’ 130 मील प्रति घंटे की रफ्तार से बिग आइलैंड के बेहद करीब से निकला और इसके तटीय इलाकों को थर्रा दिया.
  • 8 सितंबर: ‘हरिकेन लोवोल’, जो समंदर में कैटेगरी 5 का खौफनाक रूप ले चुका था, जिसकी स्पीड 258KMPH नीहाऊ के पास से मुड़कर गुजरा.
  • 23 सितंबर: ‘मोके’ दक्षिण से होकर निकला.
  • 26 सितंबर: ‘हरिकेन नोलो’, जिसने मेक्सिको से जापान तक 7,000 मील का लंबा सफर तय किया था, 155 मील प्रति घंटे की ताकत के साथ बिग आइलैंड के दक्षिण से गुजरा.
इन तूफानों की वजह से पूरे हवाई में बारिश के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त हो चुके हैं. अगस्त और सितंबर के महीनों में ही हिलो शहर में 37 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य औसत से लगभग दोगुनी है!

हैलोवीन पर फिर बिगड़ेगा मौसम?

ओलाना से मिलने वाली राहत भी शायद लंबे समय तक न टिके. एक्यूवोदर के मौसम विज्ञानी ब्रैंडन बकिंघम ने चेतावनी दी है कि हैलोवीन के वीकेंड पर द्वीपों के पश्चिम में एक नया ‘कोना स्टॉर्म’ पनप सकता है. अगर ये तूफान और आगे बढ़ता है, तो नवंबर की शुरुआत तक हवाई में बारिश का ये सिलसिला यूं ही जारी रहेगा. लोगों को सलाह दी जा रही है कि वो अपनी यात्राएं रद्द करें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें!
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