Trump Iran Warning: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर ईरान ने प्रस्तावित डील को स्वीकार नहीं किया, तो अमेरिका ईरान के हर पावर प्लांट और हर पुल को निशाना बना सकता है. ट्रंप के इस बयान से मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
सीजफायर उल्लंघन पर ट्रंप का आरोप
ट्रंप ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरान ने संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि शनिवार को ईरान की ओर से गोलीबारी कर सीजफायर एग्रीमेंट को पूरी तरह नकार दिया गया. ट्रंप ने दावा किया कि कई गोलियां एक फ्रेंच शिप और यूनाइटेड किंगडम के एक मालवाहक जहाज को निशाना बनाकर चलाई गईं.
डील नहीं तो तबाही, ट्रंप की खुली चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा, “हम एक बहुत ही सही और वाजिब डील दे रहे हैं, और मुझे उम्मीद है कि वे इसे मानेंगे क्योंकि, अगर वे नहीं मानते हैं, तो यूनाइटेड स्टेट्स ईरान में हर एक पावर प्लांट और हर एक ब्रिज को उड़ा देगा. अगर वे डील नहीं लेते हैं, तो यह मेरे लिए सम्मान की बात होगी, क्योंकि मैं वह करूंगा जो पिछले 47 साल से अमेरिका के दूसरे राष्ट्रपति ईरान के साथ नहीं कर पाए.”
होर्मुज मुद्दे पर ट्रंप का तंज
ट्रंप ने ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के दावे का भी मजाक उड़ाया. उन्होंने कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी के कारण यह मार्ग पहले ही प्रभावित है और ईरान खुद ही इससे भारी आर्थिक नुकसान झेल रहा है. उनके मुताबिक, इस स्थिति में ईरान को रोजाना करीब 500 मिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है.
इस्लामाबाद वार्ता की फिर चर्चा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस्लामाबाद में संभावित बातचीत की भी पुष्टि की. उन्होंने कहा कि उनके प्रतिनिधि सोमवार शाम को पाकिस्तान जाएंगे, जहां आगे की वार्ता हो सकती है. इससे पहले भी इस्लामाबाद में बातचीत का प्रयास किया गया था, लेकिन वह बेनतीजा रहा था. अब दूसरे दौर की बातचीत को लेकर चर्चाएं तेज हैं.
एयर स्ट्राइक से लेकर सीजफायर तक का घटनाक्रम
28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका की संयुक्त एयर स्ट्राइक शुरू हुई थी. इसके बाद 8 अप्रैल को दो हफ्तों के अस्थायी संघर्ष विराम की घोषणा की गई. इस दौरान स्थायी समाधान के लिए वार्ता की कोशिशें की गईं, लेकिन कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विदेशी प्रतिनिधिमंडल के आगमन को देखते हुए इस्लामाबाद के रेड जोन में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. अब ट्रंप की पोस्ट के बाद इस्लामाबाद में होने वाली संभावित दूसरी वार्ता की पुष्टि और मजबूत हो गई है.
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