LPG Price Hike: आम आदमी की रसोई पर महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. पेट्रोल-डीजल, खाद्य पदार्थ, सोना-चांदी और रोजमर्रा की जरूरतों की वस्तुओं के बाद अब रसोई गैस भी लोगों की जेब पर भारी पड़ने लगी है. घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी ने करोड़ों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है. हाल ही में 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये का इजाफा किया गया है,
जिसके बाद दिल्ली में इसकी कीमत 942 रुपये पहुंच गई है. इससे पहले मार्च 2026 में भी सिलेंडर के दामों में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी. लगातार बढ़ रही कीमतों के बीच उपभोक्ताओं के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर गैस सिलेंडर इतना महंगा क्यों हो रहा है और क्या आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं.
7 जून से लागू हुए नए रेट
सरकारी तेल कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के अनुसार 7 जून से घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी लागू हो चुकी है. देश के अलग-अलग शहरों में सिलेंडर की कीमत स्थानीय करों और परिवहन लागत के अनुसार अलग-अलग है.
प्रमुख शहरों में घरेलू LPG सिलेंडर की नई कीमत
| शहर | घरेलू सिलेंडर |
|---|---|
| दिल्ली | ₹942 |
| मुंबई | ₹941.5 |
| कोलकाता | ₹968 |
| चेन्नई | ₹957.5 |
| बेंगलुरु | ₹944.5 |
| अमृतसर | ₹983 |
| चंडीगढ़ | ₹951.5 |
| भोपाल | ₹947.5 |
| भुवनेश्वर | ₹968 |
कमर्शियल सिलेंडर भी महंगे
घरेलू गैस के साथ-साथ कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं. होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसायों के लिए यह अतिरिक्त बोझ साबित हो रहा है. कई शहरों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 3,000 रुपये से भी ऊपर पहुंच चुकी है.
पड़ोसी देशों के मुकाबले भारत में अभी भी सस्ता LPG
कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद भारत में घरेलू LPG सिलेंडर कई पड़ोसी देशों की तुलना में अभी भी सस्ता है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर 942 रुपये का है, जबकि पाकिस्तान में इसकी कीमत करीब 1046 रुपये, नेपाल में 1207 रुपये, बांग्लादेश में 1225 रुपये और श्रीलंका में लगभग 1241 रुपये है. सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में भारी उछाल के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कीमतों को नियंत्रित रखा जा रहा है.
उज्ज्वला योजना लाभार्थियों को मिल रही राहत
देशभर में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के 10.58 करोड़ से अधिक लाभार्थी हैं. सरकार इन लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से प्रति सिलेंडर 300 रुपये की सब्सिडी दे रही है. इस सब्सिडी के कारण उज्ज्वला लाभार्थियों को घरेलू सिलेंडर काफी कम कीमत पर उपलब्ध हो रहा है. सरकार का उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर बढ़ती महंगाई का असर कम करना है.
1600 रुपये से ज्यादा पहुंची सप्लाई कॉस्ट
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की वास्तविक सप्लाई लागत अब 1600 रुपये से अधिक हो चुकी है. दिल्ली में आम उपभोक्ता यह सिलेंडर 942 रुपये में खरीद रहे हैं, यानी वास्तविक लागत के मुकाबले उन्हें लगभग 658 रुपये का लाभ मिल रहा है. वहीं उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 300 रुपये की सब्सिडी मिलने के बाद यही सिलेंडर लगभग 642 रुपये में पड़ता है. इस तरह उन्हें वास्तविक सप्लाई लागत के मुकाबले करीब 958 रुपये का फायदा मिल रहा है.
आखिर क्यों बढ़ रही है LPG की कीमत?
विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू गैस की बढ़ती कीमतों के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG के दामों में आई भारी तेजी है. पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi Contract Price) को वैश्विक LPG बाजार का प्रमुख मानक माना जाता है. फरवरी 2026 में यह कीमत 542.5 डॉलर प्रति टन थी, जो जून 2026 तक बढ़कर 790 डॉलर प्रति टन पहुंच गई. यानी महज चार महीनों में अंतरराष्ट्रीय LPG कीमतों में लगभग 46 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसका सीधा असर भारत समेत कई देशों के घरेलू बाजार पर पड़ रहा है.
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो आने वाले महीनों में घरेलू गैस के दामों पर और दबाव पड़ सकता है. हालांकि सरकार सब्सिडी और मूल्य नियंत्रण के जरिए उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश कर रही है.
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