UAE Attack Global Reaction: संयुक्त अरब अमीरात के एक प्रमुख पोर्ट पर हुए हमले ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. इस हमले में तीन भारतीय नागरिकों के घायल होने की खबर ने भारत में भी चिंता बढ़ा दी है. मिडिल ईस्ट में पहले से जारी तनाव के बीच इस घटना ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है. यही वजह है कि भारत समेत दुनिया के कई बड़े देशों के नेताओं ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए हमले की कड़ी निंदा की और क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया.
पीएम मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की निंदा की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के पोर्ट पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है. उन्हांने कहा, “यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें तीन भारतीय नागरिक घायल हुए। आम लोगों और इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना मंजूर नहीं है। भारत यूएई के साथ मजबूती से खड़ा है और बातचीत और कूटनीति के जरिए सभी मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए अपना समर्थन दोहराता है। होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित और बिना रुकावट के नेविगेशन सुनिश्चित करना, इलाके में शांति, स्थिरता और ग्लोबल ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है।”
यूरोपीय संघ की सख्त प्रतिक्रिया
यूरोपीय काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया. उन्होंने कहा कि नागरिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर मिसाइल और ड्रोन हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने ईरान से मिडिल ईस्ट में सीजफायर बनाए रखने के लिए बातचीत करने की अपील की.
जर्मनी ने जताई चिंता
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि यूएई पर हुए हमले बेहद चिंताजनक हैं और उनकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए. उन्होंने तेहरान से बातचीत की टेबल पर लौटने और होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी खत्म करने की मांग की. साथ ही यह भी कहा कि क्षेत्र में आगे किसी तरह की धमकी या हमला नहीं होना चाहिए.
कनाडा का समर्थन और कूटनीति पर जोर
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बिना उकसावे के किए गए हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि कनाडा यूएई के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है. उन्होंने नागरिकों और इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की और तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया.
ब्रिटेन ने भी की कड़ी निंदा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने हमलों की आलोचना करते हुए कहा कि क्षेत्र में बढ़ता तनाव तुरंत खत्म होना चाहिए. उन्होंने ईरान से बातचीत के जरिए दीर्घकालिक समाधान निकालने और सीजफायर बनाए रखने की अपील की.
होर्मुज स्ट्रेट और वैश्विक चिंता
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब होर्मुज स्ट्रेट पहले से ही वैश्विक चर्चा का केंद्र बना हुआ है. यह समुद्री मार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव या बाधा न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर डाल सकता है.
बढ़ता तनाव, शांति की अपील
यूएई पर हुए इस हमले ने मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को और गहरा कर दिया है. दुनिया के बड़े देशों ने एक सुर में कूटनीति और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है. फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं और क्या क्षेत्र में स्थिरता बहाल हो पाती है.
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