ब्रिटेन तपती गर्मी का रेल की पटरियों पर भी असर, 24 घंटे में 2 हादसे

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

UK train derailment: ब्रिटेन में गर्मी इंसानों के साथ अब रेलवे के लिए भी बड़ी मुसीबत बन चुकी है. यहां महज 24 घंटे के भीतर दो पैसेंजर ट्रेनें पटरी से उतर गईं. पहले ईस्ट ससेक्स के ल्यूज के पास साउदर्न ट्रेन के कई डिब्बे बेपटरी हो गए, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए. इसके अगले ही दिन एसेक्स के विकफोर्ड रेलवे स्टेशन पर ग्रेटर एंग्लिया ट्रेन के पिछले डिब्बे पटरी से उतर गए. फिलहाल, इस हादसे में किसी के घायल होने की खबर नहीं है.

 द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन की पांचवीं हीटवेव ने रेलवे के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. हालांकि अधिकारियों ने अभी इन दोनों हादसों की सीधी वजह गर्मी को घोषित नहीं किया है. जांच एजेंसियां सभी संभावित कारणों और परिस्थितियों को खंगाल रही हैं.

आखिर गर्मी  कैसे पलटा सकती है ट्रेन ?

नेटवर्क रेल के सुरक्षा और इंजीनियरिंग निदेशक मार्टिन फ्रोबिशर ने कहा कि असामान्य रूप से गर्म और सूखा मौसम रेलवे के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. रेलवे को पटरियों के तापमान पर लगातार नजर रखनी पड़ रही है. जरूरत के मुताबिक, ट्रेनों की रफ्तार कम की जा रही है और ज्यादा तापमान को ध्यान में रखकर ट्रैक की मरम्मत और बदलाव की योजना बनाई जा रही है. यानी गर्मी के कारण ब्रिटेन की रेल व्यवस्था को सिर्फ यात्रियों की परेशानी नहीं, बल्कि पटरी और इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा का भी बड़ा टेस्ट देना पड़ रहा है.

तेज गर्मी में पटरियों का क्या होता है?

बता दें कि तेज गर्मी का रेलवे पटरियों का लोहा गर्म होने पर फैलता है. सामान्य तौर पर पटरियों के बीच और उनके जोड़ पर थोड़ा गैप रखा जाता है, ताकि तापमान बढ़ने पर धातु के फैलने के लिए गुंजाइश बनी रहे. लेकिन जब तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, तो यह जगह कम पड़ सकती है और पटरी पर दबाव बढ़ सकता है. ऐसे में पटरी आपस में एक दूसरे के फोर्स से मुड़ सकती है, जिसे ट्रैक बकलिंग कहा जाता है.
यही वजह है कि भीषण गर्मी में रेलवे ट्रैक का तापमान लगातार मॉनिटर किया जाता है. पहले ही इस तरह की खबरें आती रही हैं कि ब्रिटिश इन्फ्रास्ट्रक्चर भीषण गर्मी के लिए तैयार नहीं हैं. हालांकि ल्यूज और विकफोर्ड के हालिया हादसों में गर्मी को अभी आधिकारिक तौर पर दुर्घटना की वजह नहीं बताया गया है.
फिलहाल, नेटवर्क रेल ने लोगों से हादसों की वजह को लेकर जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने से बचने को कहा है. मार्टिन फ्रोबिशर ने कहा कि दोनों घटनाओं की आंतरिक जांच होगी और सभी संभावित कारणों को देखा जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन की रेलवे अभी भी दुनिया की सबसे सुरक्षित रेल व्यवस्थाओं में शामिल है और सुरक्षा उसकी पहली प्राथमिकता है.
Latest News

अपने दो सैनिकों की मौत के बाद US ने AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर पर लगाया रोक, हादसे की जांच में जुटी सुरक्षा टीम

Washington: टेक्सास में अमेरिकी सेना के AH-64 अपाचे हेलीकॉप्टर हादसे में दो सैनिकों की मौत के बाद सेना ने...

More Articles Like This

Exit mobile version