ईरान और यूक्रेन के बीच टकराव तेज, सिबिहा बोले- रूस को हथियार देकर तेहरान भड़का रहा युद्ध

Ukraine Russia War: ईरान के एक वाणिज्यिक जहाज पर कथित हमले को लेकर ईरान और यूक्रेन के बीच कूटनीतिक टकराव तेज हो गया है. यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा ने ईरान के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है. सिबिहा ने कहा कि तेहरान को खुद को पीड़ित बताने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि वह 2022 से रूस को हथियार देकर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में प्रत्यक्ष सहयोग कर रहा है. सिबिहा ने कहा कि रूस की समुद्री गतिविधियां वैश्विक खाद्य सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता के लिए गंभीर खतरा हैं.

समुद्री मार्गों पर किए जा रहे हमलों का मुद्दा

यूक्रेन के विदेश मंत्री ने बताया कि रूस द्वारा समुद्री मार्गों पर किए जा रहे हमलों का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक में उठाया जाएगा. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में सिबिहा ने कहा कि ईरान ने रूस को ऐसे हथियार उपलब्ध कराए हैं, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हमलों में किया गया. उन्होंने कहा कि तेहरान की धमकियां निराधार और अनुचित हैं.

रूस के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया की उम्मीद

यूक्रेन ने आरोप लगाया कि ईरान अपने जहाज पर हुए कथित हमले का मुद्दा उठाकर रूस की ओर से ब्लैक सी में नागरिक जहाजों पर किए जा रहे हमलों से दुनिया का ध्यान हटाना चाहता है. सिबिहा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया की उम्मीद जताई. इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया था कि यूक्रेन ने एक ईरानी वाणिज्यिक जहाज पर हमला किया, जिसमें एक नाविक की मौत हो गई. उन्होंने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई इजरायल के इशारे पर की गई, ताकि यूरोप को युद्ध में घसीटा जा सके.

राजदूत को तलब कर औपचारिक विरोध

ईरान ने इस घटना के बाद तेहरान में यूक्रेन के कार्यवाहक राजदूत को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया और चेतावनी दी कि अपने नागरिकों और राष्ट्रीय हितों पर हमले का जवाब दिया जाएगा. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में कहा था कि यूक्रेन ने कास्पियन सागर क्षेत्र में लंबी दूरी की सैन्य कार्रवाई कर उन जहाजों को निशाना बनाया जो रूस के सैन्य माल की ढुलाई में इस्तेमाल हो रहे थे. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रूस, ईरान को खाड़ी देशों और अमेरिकी सैन्य ठिकानों की उपग्रह तस्वीरें उपलब्ध करा रहा है.

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