Moscow: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि यूक्रेन ने काला सागर में हमारे 100 से ज्यादा जहाजों को नुकसान पहुंचाया है. पुतिन ने कहा कि तनाव बढ़ाने से यूक्रेन को कोई नतीजा नहीं मिलने वाला, बल्कि इससे स्थिति और खराब हो सकती है. पुतिन ने शुक्रवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि उन्हें समझना चाहिए कि उकसावे वाली किसी भी कार्रवाई या तनाव बढ़ाने से उन्हें वह नतीजा नहीं मिलेगा, जो वे चाहते हैं.
कई क्षेत्रों में युद्धविराम की व्यवस्था की मांग
ऐसे कदमों से उनकी स्थिति और खराब ही होगी. पुतिन ने कहा कि रूस की सैन्य जवाबी कार्रवाई के बाद कीव ने कई क्षेत्रों में युद्धविराम की व्यवस्था की मांग की है. इनमें ऊर्जा सुविधाओं पर हमले और हवाई हमले रोकने जैसे मुद्दे शामिल हैं. पुतिन ने कहा कि रूस ने उन कार्रवाइयों का जवाब देना शुरू कर दिया है, जिन्हें वह यूक्रेन की ओर से उठाए गए कदम बताता है. इनमें कथित तौर पर समुद्री नाकेबंदी की कोशिश और भंडारण केंद्रों तथा नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले शामिल हैं.
रिश्ते दोबारा बेहतर होंगे
इस महीने की शुरुआत में मॉस्को ने कहा था कि रूस के तेल और गैस निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों से न तो अमेरिका के साथ उसके रिश्ते दोबारा बेहतर होंगे और न ही इससे यूक्रेन के साथ शांति स्थापित होगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक पर हस्ताक्षर कर उसे कानून बना दिया है. इस कानून में रूस के ऊर्जा और रक्षा उद्योगों के साथ-साथ तेल ले जाने वाले उसके तथाकथित ‘शैडो फ्लीट’ टैंकरों को निशाना बनाया गया है.
न्यूयॉर्क में मुलाकात करने पर सहमत
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस ने काफी हद तक इन प्रतिबंधों के मुताबिक खुद को ढाल लिया है और उनके असर को कम करने के तरीके तलाश लिए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि रूस के व्यापारिक साझेदार ऐसे प्रतिबंधों का विरोध करते हैं. इससे पहले दिन में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप उनके साथ न्यूयॉर्क में मुलाकात करने पर सहमत हो गए हैं. यूक्रेन अमेरिकी टीम के साथ मिलकर शांति की दिशा में गंभीर कदम उठाने के लिए तैयार है.
इसे भी पढ़ें. आगरा में हादसाः डिवाइडर से टकराकर पलटी बेकाबू कार, तीन लोगों की मौत, दो घायल

