दुनिया में शांति को बढ़ावा देने में भारत ने दिखाई अपनी काबिलियत, हमें उसकी जरूरत: यूक्रेनी राजदूत ओलेक्सांद्र पोलिशचुक

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Ukrainian Ambassador: रूस और यूक्रेन के बीच कई वर्षो से जंग जारी है. दोनों देश एक-दूसरे के ऊपर हमला कर रहे हैं. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रूस कूटनीति के बजाय हमलों को प्राथमिकता दे रहा है. रूस के लिए यूक्रेन का ऊर्जा क्षेत्र उसका निशाना है. युद्ध और यूक्रेन में मौजूदा हालातों को लेकर भारत में यूक्रेनी राजदूत ओलेक्सांद्र पोलिशचुक ने कहा कि हमें कोई मिटा नहीं सकता और न ही हम कभी हार मानेंगे.

पोलिशचुक ने कहा कि “निश्चित रूप से, युद्ध के कारण यूक्रेन के हालात बहुत मुश्किल हैं. यह एक बड़ा सबूत है कि यूक्रेन की पहचान कोई मिटा नहीं पाएगा. हम कभी हार नहीं मानेंगे, हम यह लड़ाई जारी रखेंगे और जब हम यह युद्ध जीतेंगे, तो यह एक बड़ा सबूत होगा कि यूक्रेन एक ऐसा देश है जो असल में बहुत बहादुर है. और हमारा इतिहास है, हमारे पास ऐसे लोग हैं जो इस देश के लिए खुद को कुर्बान करने के लिए तैयार हैं.”

यूक्रेनी राजदूत ने की भारतीय सेना की तारीफ

दरअसल, भारत में आयोजित वर्ल्ड बुक फेयर को लेकर यूक्रेनी राजदूत ने कहा, “मुझे बहुत खुशी है कि यह बुक फेयर इस तरह से चलाया और आयोजित किया गया है ताकि भारतीय लोगों को भारतीय संस्कृति और आपकी सेना के बीच सहयोग दिखाया जा सके, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में बहादुरी से हिस्सा लिया था. यूक्रेन में भी लगभग ऐसा ही है. हमारे पास वे लोग हैं जो असल में फ्रंट लाइन पर लड़ रहे हैं.”

हमें भारत की जरूरत

वहीं, रूस और यूक्रेन के बीच शांति लाने में भारत की क्षमता को लेकर उन्होंने कहा कि “हमें असल में भारत की जरूरत है, जिसने असल में हमेशा दुनिया में शांति को बढ़ावा देने की अपनी काबिलियत दिखाई है.”

यूक्रेन के राजदूत पोलिशचुक ने कहा, “यूक्रेन और अमेरिका के बीच सभी बातचीत बहुत अहम है, क्योंकि यूएस यूक्रेन का बहुत बड़ा समर्थक है, हमारा साथी है और एक बड़ा दोस्त है जिसने 2022 में शुरू हुए इस बड़े युद्ध के पहले दिन से ही हमारे देश की रक्षा करने में हमारी मदद की है.”

हमेशा हमारा ऊर्जा सेक्टर होता है रूस का टारगेट

देश के नाम एक संबोधन में, यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि “रूस का मुख्य टारगेट हमेशा हमारा ऊर्जा सेक्टर होता है. लगभग 58,000 लोग पावर ग्रिड और जेनरेशन फ्लांट पर और अकेले हीटिंग नेटवर्क पर रिपेयर क्रू में चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं. उक्रजालिज्जित्सिया और दूसरी सरकारी कंपनियों के रिसोर्स शामिल किए गए हैं. कीव के लिए, जहां हालात बहुत मुश्किल हैं, पूरे देश से 50 और क्रू शामिल किए गए हैं.”

हर घर में भेजें जा रहे जरूरी समान और क्रू

उन्होंने आगे कहा कि “अभी भी ऐसे घर हैं जिनमें हीटिंग नहीं है और उनके लिए जरूरी सामान और क्रू को हर घर में भेजा जा रहा है. कीव इलाके में भी यह मुश्किल है, खासकर इलाके के उत्तरी हिस्से में और बोरीस्पिल जिले में भी. बॉर्डर और फ्रंट-लाइन इलाकों में भी, जहां नेटवर्क और सुविधाओं की मरम्मत लगभग लगातार गोलाबारी और हमलों से मुश्किल हो जाती है. ये खार्किव, चेर्निहाइव, सुमी, नीपर और जापोरिजिया इलाके हैं, इन इलाकों पर खास ध्यान दिया जा रहा है. पोल्टावा और ओडेसा में ऊर्जा की स्थिति को स्थिर करने के लिए बहुत काम हुआ.”

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