UNGA के 80वें सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे दो बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

UNGA: न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व सांसदों के दो बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल करेंगे, जो वैश्विक मंच पर देश की लोकतांत्रिक विविधता को उजागर करेंगे. बता दें कि भाजपा सांसद पीपी चौधरी के नेतृत्व में पहला प्रतिनिधिमंडल 8 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक न्यूयॉर्क में रहेगा. जबकि भाजपा सांसद दग्गुबाती पुरंदेश्वरी के नेतृत्व में दूसरा प्रतिनिधिमंडल 27 अक्टूबर से न्यूयॉर्क का दौरा करेगा.

इसी बीच एक सांसद ने प्रतिनिधिमंडलों को गैर-आधिकारिक बताते हुए कहा कि वो केवल राज्य का प्रतिनिधित्व नहीं करते, बल्कि प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर भारत के संसदीय लोकतंत्र की सामूहिक आवाज़ का प्रतिनिधित्व करते हैं.

किस प्रतिनिधिमंडल में कौन होगा शामिल?

सांसद पीपी चौधरी के समूह में 15 सदस्य शामिल हैं, जिनमें भाजपा के अनिल बलूनी, निशिकांत दुबे और उज्ज्वल निकम, कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा और कुमारी शैलजा, समाजवादी पार्टी के राजीव राय और आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन शामिल हैं. वहीं, दूसरे प्रतिनिधिमंडल में भाजपा सांसद वी डी शर्मा, दिलीप सैकिया और रेखा शर्मा, राजद के मनोज कुमार झा, द्रमुक के पी विल्सन, टीएमसी (एम) के जी के वासन और आप के संदीप कुमार पाठक सहित अन्य शामिल हैं.

विचार-विमर्शों में योगदान देने के लिए उत्‍सुक पुरंदेश्वरी

ऐसे में पुरंदेश्वरी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा एक महत्वपूर्ण मंच है जहां सदस्य देश शांति और सुरक्षा से लेकर मानवाधिकार, विकास और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग तक, प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक साथ आते हैं. मैं विश्व मंच पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने और इन महत्वपूर्ण विचार-विमर्शों में योगदान देने के लिए उत्सुक हूँ.

वहीं, अधिकारी के मुताबिक, भारत में संयुक्त राष्ट्र महासभा में संसदीय प्रतिनिधिमंडल भेजने की एक लंबी परंपरा रही है, जिससे सांसदों को अंतर्राष्ट्रीय संवाद में भाग लेने का अवसर मिलता है, हालांकि 2004 में इस प्रथा में अस्थायी रुकावट आई थी.

इसे भी पढ़े:-‘हम शांति के रक्षक…तो छिड़ जाते कई युद्ध’, अमेरिकी ट्रैरिफ को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने दी सफाई

Latest News

सावन में केवल सोमवार व्रत ही नहीं, ये 6 व्रत भी होते हैं अति-दुर्लभ, जानें इनका धार्मिक महत्व

Sawan Ke Mahatvapurna Vrat: सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की उपासना का सर्वोत्तम समय माना जाता है. इस...

More Articles Like This

Exit mobile version