US Apache Helicopter: अमेरिकी सेना का अपाचे हेलीकॉप्टर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक्सीडेंट का शिकार हो गया. राहत की बात यह रही कि हेलीकॉप्टर में सवार दोनों चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है. फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि हेलीकॉप्टर को ईरान की ओर से मार गिराया गया, उसमें कोई तकनीकी खराबी आई थी या फिर किसी अन्य कारण से वह दुर्घटनाग्रस्त हुआ. हाल के महीनों में अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर ईरानी सीमा के काफी करीब तक गश्त करते देखे गए हैं, जिससे क्षेत्र में सैन्य तनाव और बढ़ गया है.
दुर्घटना की वजह अभी स्पष्ट नहीं
अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स ने घटना से जुड़े अधिकारियों के हवाले से बताया कि हेलीकॉप्टर दुर्घटना की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि हेलीकॉप्टर में सवार दोनों पायलट पूरी तरह सुरक्षित हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पायलट ठीक हैं. हम कल इस घटना पर विस्तृत रिपोर्ट जारी करेंगे, लेकिन दोनों सुरक्षित हैं.
ईरान ने मार गिराया या तकनीकी खराबी आई
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दुर्घटनाग्रस्त हुए अमेरिकी अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर को लेकर अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि उसे ईरान ने मार गिराया, उसमें तकनीकी खराबी आई थी या फिर किसी अन्य वजह से हादसा हुआ. यह घटना ऐसे समय हुई जब उसी दिन ईरान और इजरायल के बीच सैन्य हमले किए जा रहे थे. अमेरिकी सेना इस मिशन में अपाचे हेलीकॉप्टरों के अलावा एमक्यू-9 रीपर ड्रोन, एफ-15ई, एफ/ए-18 और एफ-35 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों का भी इस्तेमाल कर रही है.
42 विमानों और ड्रोन को मार गिराने का दावा
रिपोर्टों के मुताबिक 28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के बाद से ईरान ने अमेरिकी सेना के 42 विमानों और ड्रोन को नुकसान पहुंचाने या मार गिराने का दावा किया है. इनमें एमक्यू-9 रीपर ड्रोन, एफ-15ई लड़ाकू विमान और एमसी-130जे कमांडो II विशेष अभियान विमान शामिल बताए गए हैं. हालांकि अपाचे हेलीकॉप्टर की यह पहली क्षति मानी जा रही है. अब सभी की नजर अमेरिकी जांच रिपोर्ट पर है, जिससे यह पता चल सकेगा कि यह हादसा तकनीकी कारणों से हुआ या इसके पीछे कोई सैन्य कार्रवाई थी.
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