Ottawa: अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार युद्ध बहुत तेज हो गया है, क्योंकि अमेरिका ने कनाडा के सामान पर 50% टैरिफ लगाया है और इसके जवाब में कनाडा ने भी 8 सितंबर 2026 से अमेरिकी सामान पर 15% से 50% तक टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिकी टैरिफ का जवाब देने का ऐलान किया है. कनाडा ने करीब 900 अमेरिकी सामानों की सूची तैयार की है, जिन पर 8 सितंबर से 25 से 50 फीसदी तक टैरिफ लगाया जा सकता है.
पेपर प्रोडक्ट्स पर पड़ सकता है असर
इस ट्रेड वॉर का सबसे दिलचस्प असर पेपर प्रोडक्ट्स पर पड़ सकता है. कनाडा ने टॉयलेट पेपर और फेस टिशू जैसे सामान पर 25 से 50 फीसदी तक टैरिफ लगाने की तैयारी की है. मामला इसलिए दिलचस्प है क्योंकि अमेरिका में टॉयलेट पेपर का बड़ा हिस्सा घरेलू स्तर पर बनता है, लेकिन इसके लिए जरूरी कच्चे माल के लिए अमेरिकी कंपनियां कनाडा के लकड़ी संसाधनों पर काफी निर्भर हैं. 2024 में अमेरिका ने कनाडा से करीब 32.8 करोड़ डॉलर का टॉयलेट पेपर आयात किया था.
अमेरिका का सबसे बड़ा विदेशी सप्लायर
कनाडा इस मामले में अमेरिका का सबसे बड़ा विदेशी सप्लायर रहा. यानी ट्रेड वॉर अगर लंबी चली तो बाथरूम की जरूरत भी जेब पर असर डाल सकती है. अमेरिका दुनिया की करीब 4 फीसदी आबादी रखता है, लेकिन दुनिया में होने वाली टिशू खपत में उसकी हिस्सेदारी 20 फीसदी से ज्यादा है. औसतन एक अमेरिकी साल में करीब 141 रोल टॉयलेट पेपर इस्तेमाल करता है. इस मामले में अमेरिका दुनिया में सबसे आगे है. जर्मनी में यह औसत करीब 134 रोल है.
अमेरिकी शराब की बिक्री पर रोक
टैरिफ की मार सिर्फ टॉयलेट पेपर तक सीमित नहीं है. कनाडा की लोकप्रिय व्हिस्की क्राउन रॉयल और कनेडियन क्लब पर अमेरिका ने 50 फीसदी टैरिफ लगाया हुआ है. दूसरी तरफ कनाडा के कई प्रांतों ने अमेरिकी शराब की बिक्री पर रोक लगा दी है. कनाडाई प्रधानमंत्री ने प्रांतों से अमेरिकी शराब को फिर दुकानों में रखने पर विचार करने को कहा है. लेकिन नोवा स्कोटिया के प्रीमियर टिम ह्यूस्टन ने सवाल उठाया कि बोतलें वापस शेल्फ पर आ भी गईं, तो क्या कनाडाई उन्हें खरीदेंगे?
सभी कनाडाई डेयरी उत्पादों पर 50 फीसदी टैरिफ
अमेरिका ने लगभग सभी कनाडाई डेयरी उत्पादों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है. कनाडा ने भी अमेरिकी डेयरी उत्पादों पर 50 फीसदी और अमेरिकी चीज पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया है. कनाडा ने अमेरिकी मछली और सीफूड पर भी 25 फीसदी टैरिफ लगाया है. इसमें फ्रोजन लॉबस्टर भी शामिल है. अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कॉलिन्स, जिनके मेन राज्य की अर्थव्यवस्था में लॉबस्टर कारोबार अहम है, ने ट्रंप के इस कदम को ‘गलती’ बताया है.
कनाडाई कारों और ऑटो पार्ट्स पर 25 फीसदी टैरिफ
ट्रेड वॉर का असर ऑटो इंडस्ट्री पर भी पड़ सकता है. कनाडाई कारों और ऑटो पार्ट्स पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया गया है. अमेरिकी ऑटो कंपनियां कनाडा से आने वाले पार्ट्स पर काफी निर्भर हैं. ऐसे में टैरिफ का असर उत्पादन लागत पर पड़ सकता है और आगे चलकर इसका बोझ ग्राहकों तक पहुंचने की आशंका है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर 1 जनवरी 2027 तक कोई समझौता नहीं होता, तो यह टैरिफ बढ़ाकर 50 फीसदी किया जा सकता है.
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