US ने ईरान से तेल खरीदने वाले देशों पर कसा शिकंजा, चीन की प्रमुख कंपनी ब्लैक लिस्ट, बढ़ सकता है वैश्विक तनाव

Must Read

Washington: ईरान से बढते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा फैसला लिया है. अमेरिका ने ईरान के तेल व्यापार पर बड़ा प्रहार करते हुए चीन की एक प्रमुख तेल कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया है. वहीं वॉशिंगटन ने साफ चेतावनी दी है कि ईरान से तेल खरीदने या सहयोग करने वाले देशों और कंपनियों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, जिससे वैश्विक तनाव बढ़ सकता है.

व्यापक अभियान का हिस्सा

यह कदम वाइट हाउस के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका मकसद ईरान की आय के मुख्य स्रोत, यानी उसके तेल निर्यात को पूरी तरह बंद करना है. अमेरिका ने चीन स्थित एक कच्चे तेल टर्मिनल संचालक पर ईरानी संस्थाओं से पेट्रोलियम उत्पादों का आयात करने पर प्रतिबंध लगाए हैं. अमेरिका ने चेतावनी भी दी है कि अगर किसी अन्य ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए तेहरान को कोई शुल्क दिया, तो उसे भी ऐसे ही परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.

ईरानी शासन की आय का मुख्य स्रोत

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक बयान में कहा, ”अमेरिका ईरान के अवैध तेल व्यापार को बाधित करने के लिए निर्णायक कार्रवाई कर रहा है. यह व्यापार ईरानी शासन की आय का मुख्य स्रोत है, जिससे आतंकवाद और क्षेत्रीय अस्थिरता को वित्तीय मदद मिलती है.” पिगॉट ने कहा कि मंत्रालय ने ईरानी पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों के व्यापार में शामिल कई संस्थाओं, एक व्यक्ति और एक पोत पर प्रतिबंध लगाए हैं.

करोड़ों बैरल प्रतिबंधित ईरानी कच्चे तेल का आयात

इस कार्रवाई के तहत चीन स्थित पेट्रोलियम टर्मिनल संचालक क्विंगदाओ हाइये ऑयल टर्मिनल कंपनी लिमिटेड को निशाना बनाया गया है. इस कंपनी ने करोड़ों बैरल प्रतिबंधित ईरानी कच्चे तेल का पिछले साल फरवरी से आयात किया है. अमेरिका ने चीनी नागरिक और क्विंगदाओ हाइये के अध्यक्ष शिंगचुन ली तथा दो पोत प्रबंधन कंपनियों-ब्रिटेन स्थित थ्राइविंग टाइम्स इंटरनेशनल और हांगकांग स्थित ऑनबोर्ड शिप मैनेजमेंट लिमिटेड-पर भी प्रतिबंध लगाए हैं.

इसे भी पढ़ें. सुप्रीम कोर्ट से ममता बनर्जी को बड़ा झटका, मतगणना के नियमों में बदलाव से इनकार, अब नरम पड़े TMC के सुर

Latest News

चीनी डील को लेकर कर्ज बना नेपाल सरकार का सिरदर्द, अब उठे रहे सवाल

Nepal-China jet deals: नेपाल सरकार की तरफ से एक दशक पहले खरीदे गए चीनी विमान एक बार फिर से...

More Articles Like This