Washington: एफबीआई की ‘मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स’ सूची में शामिल भारतीय मूल के किराना कारोबारी मनजीत सिंह बेदी को भारत से अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया है. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार उन पर अमेरिकी खाद्य सहायता कार्यक्रम में 6 लाख डॉलर की धोखाधड़ी करने का आरोप है. अब उन्हें इन आरोपों का सामना करने के लिए अमेरिका में अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा.
वापस अमेरिका भेजा गया
एफबीआई निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा कि एफबीआई के मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स में शामिल मंजीत सिंह बेदी, जिन्हें सितंबर में भारत में गिरफ्तार किया गया था. उन्हें वापस अमेरिका भेजा गया है. 64 वर्षीय मंजीत सिंह बेदी अमेरिका के वॉशिंगटन राज्य के केंट शहर के निवासी हैं. अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, उन्हें संघीय एजेंटों के हवाले किया गया और 14 अक्टूबर की रात उन्हें अमेरिका के वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ वॉशिंगटन लाया गया.
अमेरिकी जिला अदालत में पेशी होनी
उनकी शुक्रवार को टैकोमा स्थित अमेरिकी जिला अदालत में पेशी होनी है. काश पटेल ने कहा कि एफबीआई सिएटल और अमेरिका तथा भारत की हमारी कानून प्रवर्तन एजेंसियों का धन्यवाद, जिन्होंने बेदी को वापस लाने में मदद की. उन्होंने बताया कि विदेशी एजेंसियों के सहयोग से अमेरिका ने पिछले 20 महीनों में 260 से अधिक वांछित आरोपियों को वापस लाने में सफलता हासिल की है, पिछली इसी तरह की अवधि की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत अधिक है.
सूची जारी होने के बाद पकड़े गए
पटेल ने कहा कि तीन महीने पहले एफबीआई की नई मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची जारी होने के बाद पकड़े गए छह प्रमुख आरोपियों में बेदी भी शामिल हैं. एफबीआई के अनुसार, अप्रैल में ‘वायर फ्रॉड’ के आरोप तय होने के बाद बेदी भारत भाग गए थे. न्याय विभाग ने बताया कि 22 अप्रैल को बेदी ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन एक सप्ताह के भीतर भारत चले गए. तीन सितंबर को उनका नाम एफबीआई की मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स सूची में जोड़ा गया, जिसके बाद भारतीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
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