US Iran deal: अमेरिका और ईरान के बीच डील भी फाइनल हो चुका है. बस इंतजार है शुक्रवार के दिन का जब स्विट्जरलैंड में इस डील पर मुहर लगेगी. ऐसे में दुनियाभर के नेताओं ने इस शांति समझौते की घोषणा का स्वागत किया है. उन्होंने इसे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया, जो पूरे पश्चिम एशिया में स्थिरता वापस ला सकती है, होर्मुज के अहम तेल रास्ते को फिर से खोल सकती है और क्षेत्र में कई महीनों से चल रहे संघर्ष के कारण बढ़े आर्थिक दबाव को कम कर सकती है. तो चलिए जानते हैं इस डील की घोषणा पर किस देश के नेता ने क्या कहा…
यूनाइटेड किंगडम (UK)
यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस समझौते को “युद्ध खत्म करने, क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम” बताया. उन्होने कहा कि “मैं राष्ट्रपति ट्रंप और पाकिस्तान, कतर तथा अन्य जगहों के उन मध्यस्थों को बधाई देता हूं जिन्होंने इस बड़ी सफलता में योगदान दिया.”
साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि समझौते को पूरी तरह लागू करना जरूरी है और दोहराया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं मिलना चाहिए. यूनाइटेड किंगडम तकनीकी बातचीत और समुद्री सुरक्षा प्रयासों में सहयोग देने के लिए तैयार है. इसमें अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाने के अभियान भी शामिल हैं.
जर्मनी
वहीं, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने भी इस समझौते का स्वागत किया. इस दौरान उन्होमे इसे वैश्विक स्तर पर बड़ा असर डालने वाली कूटनीतिक उपलब्धि बताया. मर्ज ने कहा कि “मैं अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत करता हूं और राष्ट्रपति ट्रंप तथा ईरानी पक्ष को इस कूटनीतिक सफलता के लिए बधाई देता हूं. यह वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने और मिडिल ईस्ट को अधिक सुरक्षित बनाने का रास्ता खोल सकता है.”
फ्रांस
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने समझौते को जल्द से जल्द लागू करने की अपील की और बिना किसी रोक-टोक के होर्मुज को फिर से खोलने के महत्व पर जोर दिया. मैक्रों ने कहा, “यह समझौता होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और बिना किसी शर्त के फिर से खोलने में मददगार होना चाहिए.”
उन्होंने कहा कि फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम समुद्री यातायात को बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग देने के लिए तैयार हैं. मैक्रों ने यह भी कहा कि इस समझौते से ईरान के परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर व्यापक बातचीत का रास्ता खुलना चाहिए.
पाकिस्तान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी ट्रंप के बाद घोषणा की कि बातचीत के बाद शांति समझौता हो गया है और दोनों पक्षों ने लेबनान समेत सभी सैन्य अभियानों को हमेशा के लिए खत्म करने पर सहमति जताई है. शहबाज शरीफ ने कहा कि डील पर आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह 19 जून, शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होगा.
उन्होंने कूटनीतिक प्रक्रिया में योगदान देने के लिए कतर, सऊदी अरब और तुर्किये का धन्यवाद किया.
कतर
इसके अलावा, कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी ने भी इस समझौते को कराने में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय पक्षों की भूमिका की तारीफ की. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि “हम अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) का स्वागत करते हैं.”
उन्होंने कहा कि कतर को उम्मीद है कि भविष्य की बातचीत सकारात्मक और रचनात्मक भावना में होगी. वहीं, एक अलग बयान में कतर के विदेश मंत्रालय ने इस समझौता ज्ञापन को “स्थायी शांति को मजबूत करने और क्षेत्रीय तथा वैश्विक आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम” बताया.
तुर्किये
तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोआन ने भी इस डील का स्वागत करते हुए इसे “क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण विकास” बताया. एर्दोआन ने कहा कि “मुझे पूरी उम्मीद है कि यह खबर, जिसका पूरी दुनिया लंबे समय से इंतजार कर रही थी, हमारे क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा का माहौल बनाने का रास्ता खोलेगी.” इसके साथ ही उन्होंनेकिसी भी उकसावे वाली कार्रवाई से बचने की चेतावनी दी.

