Iran vs Israel-US War: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य मोर्चों पर बड़ा कदम उठाया है. ट्रंप ने अपनी सैन्य ताकत बढ़ाते हुए यूरोप से ‘पैट्रियट’ मिसाइल सिस्टम हटाकर पश्चिम एशिया भेज दिए हैं. इससे यूरोप की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, खासकर रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच. अधिकारियों के अनुसार, इससे यूरोप की वायु रक्षा क्षमता कमजोर हो सकती है. यह भी बताया जा रहा है कि अमेरिका, होर्मुज के पास (Strait of Hormuz) ईरान के मिसाइल साइटों को निशाना बनाने के लिए अपनी सैन्य ताकत बढ़ा रहा है.
अब रूस के सामने अकेला पड़ता दिख रहा है यूरोप
ईरान के साथ जंग के बीच अमेरिका अब यूरोप से पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम वापस मंगवा रहा है, जिन्हें पश्चिम एशिया में तैनात किया जा रहा है. पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम के हटाए जाने के बाद अब यूरोप, रूस के सामने अकेला पड़ता दिख रहा है. ऐसे में कहा जा रहा है कि अमेरिका, ईरान के साथ जंग के कारण जहां अपने दोस्तों को अकेला छोड़ रहा है, वहीं उसके प्रतिद्वंदी मजबूत हो रहे हैं.
ऑपरेशन के लिए पर्याप्त हथियार और संसाधन मौजूद
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि अमेरिकी सेना के पास इस ऑपरेशन के लिए पर्याप्त हथियार और संसाधन मौजूद हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका की यह रणनीति ईरान पर सैन्य दबाव बनाकर उसकी आक्रामक क्षमता घटाना है.
अभी युद्धविराम के पक्ष में नहीं हैं ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा कि वह अभी युद्धविराम के पक्ष में नहीं हैं. जब आप जीत के करीब हों, तब युद्धविराम नहीं किया जाता. हालांकि, उन्होंने यह संकेत भी दिया कि भविष्य में सैन्य कार्रवाई धीरे-धीरे कम की जा सकती है. अमेरिका की यह नीति साफ संकेत देती है कि वह ईरान को सैन्य मोर्चों पर घेरने की कोशिश कर रहा है.
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