ईरान पर हमला करने वाला था अमेरिका, ट्रंप ने अंतिम समय में क्यों टाल दिया फैसला

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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US Iran Strike: अमेरिका-ईरान के बीच जब से पाकिस्तान में मध्यस्थता का दौर चला कोई लड़ाई नहीं हुई है, दोनों के बीच मामला शांत बना हुआ है, लेकिन अब ईरान और अमेरिका दोनों ने हमले की धमकी दी, साथ ही होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी तनातनी दिखी. इसी बीच पता चला है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फिर एक बार ईरान पर हमला करने वाले थे, लेकिन अंतिम समय तक इसपर कोई फैसला न हो पाने के चलते इसे टाल दिया गया.

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार सुबह अपने वरिष्ठ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की थी, जिसमें ईरान से जुड़े हालात और संभावित युद्ध विकल्पों पर चर्चा हुई. सूत्रों के मुताबिक, यदि आखिरी समय में बातचीत में कोई बड़ी सफलता नहीं मिलती है,तो ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले पर गंभीरता से विचार कर रहा है.

तेहरान पहुंचे पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर

इसी बीच,पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी तेहरान पहुंचे हैं,जहां उनके साथ कतर का एक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुआ.यह दौरा आखिरी समय में समझौता कराने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को आसिम मुनीर ईरान के प्रभावशाली सैन्य कमांडर जनरल अहमद वाहिदी (IRGC) से मुलाकात कर सकते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि यह बैठक ईरान के निर्णय लेने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा सकती है.

ट्रंप ने तय कर दी ‘रेडलाइन’

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एना केली ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी स्पष्ट ‘रेडलाइन’ तय कर दी है. ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं रख सकता और उसे अपने समृद्ध यूरेनियम को भी बनाए रखने की अनुमति नहीं होगी. एना केली ने कहा कि “राष्ट्रपति के पास हर समय सभी विकल्प खुले रहते हैं” और पेंटागन की जिम्मेदारी है कि वह किसी भी निर्णय को लागू करने के लिए तैयार रहे.साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर ईरान किसी समझौते तक नहीं पहुंचता, तो उसे परिणाम भुगतने होंगे.

ईरान की कड़ी चेतावनी

वहीं, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी जवाब देते हुए कहा कि ऐसा कुछ हुआ तो संघर्ष मध्य पूर्व से बाहर तक फैल सकता है. ईरान ऐसी जगहों पर कड़ा जवाब देगा, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती.ईरान फिलहाल अमेरिका के नए प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है.बता दें कि यह प्रस्ताव बुधवार को भेजा गया था. साथ ही चेतावनी भी दी गई कि यदि इसे ठुकराया गया, तो सैन्य हमले फिर शुरू हो सकते हैं.

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