US-Iran talks fail : पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत विफल होने पर भारतीय मूल की रिपब्लिकन नेता निक्की हेली का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तेहरान के साथ बातचीत समय की बर्बादी है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि अमेरिका का ईरान के साथ बातचीत से पीछे हटना सही था. बता दें कि उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘ब्लॉकेड प्लान’ का समर्थन किया और चेतावनी देते हुए कहा कि तेहरान होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने के लिए कर रहा है. अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई, क्योंकि दोनों पक्षों के बीच वार्ता बहुत अलग-अलग थी.
ऐसे में मीडिया से बातचीत के दौरान निक्की हेली ने बताया कि ‘अमेरिका के पास 15 पॉइंट का प्लान था. ईरान के पास 10 पॉइंट का प्लान था. दोनों की सोच सच में मीलों दूर थी. साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि ईरानी अपना न्यूक्लियर प्रोडक्शन और होर्मुज पर अपना कंट्रोल छोड़ने को तैयार नहीं थे.’ इस दौरान उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बातचीत खत्म करने के फैसले का समर्थन किया और कहा कि ‘हम बातचीत जारी नहीं रखेंगे. यह हमारे समय के लायक नहीं है.
स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश
इसके साथ ही हेली ने इस ब्लॉकेड को ईरान को कमजोर करने की एक बड़ी आर्थिक रणनीति का हिस्सा बताया और कहा कि ईरान को असल में घुटनों पर लाने के लिए उस पर आर्थिक रूप से हमला करना होगा. जानकारी के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखना वैश्विक व्यापार के लिए बहुत जरूरी है. उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान अमेरिका और उसके साथियों पर दबाव बढ़ाने के लिए अपनी स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है.
राजनीतिक और आर्थिक दबाव
प्राप्त जानकारी के अनुसार ईरान जीत को ट्रंप और खाड़ी के साथियों पर जितना हो सके उतना राजनीतिक और आर्थिक दबाव डालने के तौर पर देखता है. यह एक मुश्किल काम है. इस मामले को लेकर हेली का कहना है कि 20 फीसदी तेल, 20 फीसदी लिक्विफाइड नेचुरल गैस और एक तिहाई फर्टिलाइजर स्ट्रेट से होकर गुजरते हैं. अब हमारे पास शायद कुछ ही बचे हैं, आपके पास 400 जहाजों का बैकलॉग है.
‘कभी न खत्म होने वाली लड़ाई नहीं चाहते’
उन्होंने बताया कि इसका मकसद कोई लंबी लड़ाई नहीं है. उनका कहना है कि ‘हम कभी न खत्म होने वाली लड़ाई नहीं चाहते. इसे जल्दी पूरा करने की जरूरत है.’ उन्होंने बताया कि इस इलाके में अमेरिकी नेवी फोर्स पहले से ही रास्ते को सुरक्षित करने के लिए तैनात हैं. बता दें कि ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर, हेली ने कहा कि अभियान तब तक पूरा नहीं होगा जब तक यूरेनियम संवर्धन को हटाया नहीं जाता.
टारगेटेड मिलिट्री ऑपरेशन का दिया सुझाव
इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वह नहीं चाहते कि ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार हो. इतना ही नही बल्कि खाड़ी के सहयोगी इस मकसद का समर्थन करते हैं.’ उन्होंने सुझाव दिया कि एक टारगेटेड मिलिट्री ऑपरेशन की जरूरत पड़ सकती है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ‘मुझे लगता है कि शायद यही बात होगी, इसे पूरा होने में लगभग एक हफ्ते से 10 दिन लगेंगे.’ निक्की हेली ने इसे एक स्पेशल फोर्स मिशन बताया जो खतरनाक होगा.
हेली ने चीन और रूस पर लगाया आरोप
जानकारी के मुताबिक, हेली ने चीन और रूस पर ईरान की मदद करने का भी आरोप लगाया और कहा कि चीन ने सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें सप्लाई की हैं. बता दें कि बीजिंग जल्द ही और एयर डिफेंस सिस्टम दे सकता है. ऐसे में उन्होंने सवाल किया और कहा कि क्या ट्रंप को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ प्लान की गई समिट पर आगे बढ़ना चाहिए. जब तक चीन ईरान को अपना सपोर्ट बंद नहीं करता, तब तक अमेरिका को और सख्त रवैया अपनाना चाहिए. उन्होंने 40 ट्रिलियन डॉलर के करीब देश के कर्ज और एंटाइटलमेंट प्रोग्राम पर दबाव की ओर इशारा किया.’
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