पाकिस्तान की कोशिशों पर फिरा पानी, 20 घंटे की चर्चा के बाद भी नहीं हुई US-ईरान में कोई डील

Divya Rai
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Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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US Iran Talks: पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर 20 घंटे से भी ज्यादा समय तक बातचीत हुई, लेकिन कोई हल नहीं निकला. अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि इस्लामाबाद में 20 घंटे से ज्यादा चली बातचीत के बाद भी ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हो पाया. उन्होंने चेतावनी दी कि तेहरान का वाशिंगटन की शर्तें मानने से इनकार करना अमेरिका से कहीं ज्यादा ईरान के लिए बुरी खबर है.

हम किसी समझौते पर नहीं पहुंचे US Iran Talks 

उपराष्ट्रपति (US Iran Talks) वेंस ने रविवार सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से कहा, “हम 21 घंटे से इस पर बात कर रहे हैं और ईरानियों के साथ हमारी कई अहम बातचीत हुई. यह अच्छी खबर है. बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुंचे हैं.” उपराष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका की ओर से बातचीत करने वालों ने अपनी स्थिति साफ तौर पर बता दी थी लेकिन तेहरान ने शर्तें मानने से मना कर दिया.

उन्होंने हमारी शर्तें न मानने का फैसला किया है

उन्होंने कहा, “हमने बहुत साफ कर दिया है कि हमारी रेड लाइन क्या हैं, हम किन चीजों पर उन्हें राजी करने को तैयार हैं और किन चीजों पर हम उन्हें राजी नहीं करने को तैयार हैं. हमने इसे जितना हो सके उतना साफ कर दिया है और उन्होंने हमारी शर्तें न मानने का फैसला किया है.” वेंस ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका का मुख्य मकसद ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने की क्षमता हासिल करने से रोकना है. उन्होंने कहा, “सीधी सी बात यह है कि हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि वे न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएंगे और वे ऐसे तरीके नहीं अपनाएंगे जिनसे वे जल्दी न्यूक्लियर हथियार बना सकें.”

वाशिंगटन तेहरान से लंबे समय का भरोसा चाहता है

उन्होंने आगे कहा कि वाशिंगटन तेहरान से लंबे समय का भरोसा चाहता है, न कि कुछ समय के वादे. वेंस ने कहा, “क्या हम ईरानियों में न्यूक्लियर हथियार न बनाने की इच्छा का कोई बुनियादी वादा देखते हैं, न सिर्फ अभी, न सिर्फ दो साल बाद, बल्कि लंबे समय तक. हमने अभी तक ऐसा नहीं देखा है. हमें उम्मीद है कि हम देखेंगे.” अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने अमेरिका की अप्रोच को लचीला और राष्ट्रपति के निर्देश के तहत अच्छी नीयत से किया गया बताया.

हम काफी तालमेल बैठा रहे थे

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हम काफी लचीले थे. हम काफी तालमेल बैठा रहे थे. राष्ट्रपति ने हमसे कहा, आपको यहां अच्छी नीयत से आना होगा और डील करने की पूरी कोशिश करनी होगी. हमने ऐसा किया लेकिन बदकिस्मती से, हम आगे नहीं बढ़ पाए.” वेंस ने बातचीत के दौरान अमेरिकी नेतृत्व की तरफ से बड़े सहयोग पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा, “हम राष्ट्रपति से लगातार बात कर रहे थे. मुझे नहीं पता कि हमने उनसे कितनी बार बात की, पिछले 21 घंटों में आधा दर्जन बार, एक दर्जन बार. बातचीत के दौरान अधिकारी पूरी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के संपर्क में रहे.”

ईरान यूरेनियम संवर्धन की कोशिशों को छोड़ दे

अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा, “हम यहां से एक बहुत ही आसान प्रस्ताव, समझने का एक तरीका लेकर जा रहे हैं जो हमारा आखिरी और सबसे अच्छा ऑफर है. हम देखेंगे.” यह नाकाम बातचीत ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर डिप्लोमैटिक बातचीत को फिर से शुरू करने की कोशिशों को झटका है. ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम लंबे समय से अमेरिका के साथ तनाव का मुद्दा रहा है. अमेरिका चाहता है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन की कोशिशों को छोड़ दे.

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