Iran US Tension: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की योजना के बीच ‘दोस्त देशों’ को बड़ी राहत दी है. रूस समेत कुछ देशों को ट्रांजिट फीस से छूट दी गई है. मॉस्को में ईरान के राजदूत काजेम जलाली ने कहा कि फिलहाल विदेश मंत्रालय इन छूटों का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन आगे क्या होगा यह स्पष्ट नहीं है. यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच ईरान इस अहम समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण मजबूत कर रहा है.
किसी भी तरह की कोई फीस नहीं
ईरान का कहना है कि इन जहाजों से किसी भी तरह की कोई फीस नहीं वसूली जाएगी. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दूसरा दौर जल्द शुरू हो सकता है. पाकिस्तान के जरिए इस्लामाबाद में संभावित बातचीत की चर्चा है, हालांकि ईरान ने अभी इसमें शामिल होने की पुष्टि नहीं की है. तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास गुरुवार को एक ईरानी कार्गो जहाज को जब्त कर लिया.
लगातार बदलते दिख रहे हैं ट्रंप के बयान
ईरान ने इसे ‘समुद्री डकैती’ करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है. हालात इसलिए भी पेचीदा हैं क्योंकि ट्रंप के बयान लगातार बदलते दिख रहे हैं. कभी वह समझौते की उम्मीद जताते हैं, तो कभी युद्ध फिर शुरू होने की चेतावनी देते हैं. ईरान के साथ जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में रणनीति को लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं. विश्लेषकों के मुताबिक अमेरिका लगातार अपनी रणनीति और लक्ष्य बदल रहा है, जिससे अंदरूनी असहमति बढ़ती दिख रही है.
युद्ध शुरू करने में रणनीतिक चूक
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि पेंटागन और रक्षा विभाग में कई बड़े स्तर पर बदलाव और हटाए जाने की घटनाएं इस बात का संकेत हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह युद्ध शुरू करने में रणनीतिक चूक हो सकती है और अब अमेरिका बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहा है.
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