ट्रंप की ईरान को नई चेतावनी, बोले- समझौता नहीं किया तो फिर शुरू होगा ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US Iran War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू करने की संभावना जताई है. उनका कहना है कि अगर तेहरान अमेरिका के साथ किसी समझौते पर नहीं पहुंचता है, तो अमेरिकी सेना एक बार फिर हमला कर सकती है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान को सैन्य और आर्थिक मोर्चों पर पहले ही भारी नुकसान हो चुका है, लेकिन जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई का विकल्प अभी भी खुला है.

फ्लोरिडा के फोर्ट मायर्स में रिपब्लिकन पार्टी की एक चुनावी रैली के दौरान ट्रंप ने कहा कि कूटनीतिक बातचीत सफल नहीं होने पर अमेरिका ईरान के खिलाफ फिर से सैन्य अभियान चला सकता है. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका एक बार फिर सीमित स्तर पर ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू कर सकता है, या फिर ईरान समझदारी दिखाते हुए बातचीत के लिए तैयार हो सकता है.

परमाणु कार्यक्रम को रोकना अमेरिका का प्रमुख लक्ष्य

ट्रंप की ताजा टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब उनका प्रशासन ईरान पर परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौता करने का दबाव बना रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि उनकी सरकार की सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है. अपने भाषण में ट्रंप ने अमेरिका के दो सैन्य अभियानों, ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ और ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि इन कार्रवाइयों से ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है. उनके मुताबिक, इन अभियानों ने ईरान की सैन्य ताकत और आर्थिक स्थिति को भी कमजोर किया है.

ट्रंप ने कहा कि शुरुआती (US Iran War) हमलों के बाद की गई सैन्य कार्रवाई ने अमेरिका के अभियान को और प्रभावी बनाया. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि भविष्य में सैन्य कार्रवाई से बचने के लिए ईरान को किन शर्तों पर सहमत होना होगा.

बातचीत के साथ सैन्य दबाव बनाए रखने की रणनीति US Iran War

ट्रंप के बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिकी प्रशासन समझौते की संभावना के बावजूद ईरान पर दबाव कम करने के पक्ष में नहीं है. राष्ट्रपति ने दावा किया कि सैन्य और आर्थिक प्रतिबंधों के चलते तेहरान की स्थिति कमजोर हुई है और अब उसके सामने अपने रुख पर दोबारा विचार करने की चुनौती है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई के पीछे परमाणु हथियारों के खतरे को खत्म करना सबसे अहम कारण था. एक टीवी इंटरव्यू में ट्रंप ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि अगर अमेरिका हमला नहीं करता, तो ईरान परमाणु हथियार हासिल कर सकता था. उन्होंने इस अभियान में बी-2 बमवर्षक विमानों के इस्तेमाल को भी इसी रणनीति का हिस्सा बताया.

संघर्ष कब खत्म होगा, इस पर ट्रंप ने नहीं दी समयसीमा

फ्लोरिडा के स्थानीय चैनल विंक-टीवी को दिए एक अलग इंटरव्यू में ट्रंप ने संघर्ष के भविष्य को लेकर उम्मीद जताई. उन्होंने कहा कि यह स्थिति जल्द खत्म हो सकती है और इसका अंत समझौते के जरिए या किसी अन्य तरीके से हो सकता है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह नहीं बताया कि संघर्ष समाप्त होने की संभावित समयसीमा क्या है. उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत किस स्तर पर चल रही है.

होर्मुज स्ट्रेट और आर्थिक दबाव का भी किया जिक्र

फोर्ट मायर्स की रैली में ट्रंप ने ईरान की आर्थिक स्थिति और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास अमेरिकी नौसैनिक गतिविधियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने दावा किया कि ईरान महंगाई और गंभीर आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहा है. उनके मुताबिक, अमेरिकी दबाव का उद्देश्य तेहरान को अपनी नीतियों में बदलाव के लिए मजबूर करना है. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ईरान के खिलाफ नाकाबंदी से जुड़ी कार्रवाई कर रही है, जबकि अन्य जहाजों की आवाजाही जारी है. उन्होंने रणनीतिक जलमार्ग से तेल परिवहन का भी जिक्र किया.

कुल मिलाकर, ट्रंप के ताजा बयान से साफ है कि उनका प्रशासन ईरान के साथ समझौते की संभावना बनाए रखते हुए सैन्य विकल्प को भी खुला रखना चाहता है. हालांकि, किसी नए हमले की तारीख, उसका दायरा या ईरान के सामने रखी जाने वाली संभावित शर्तों को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है.

ये भी पढ़ें- FBI के हत्थे चढ़ा मोस्ट वांटेड गैंगस्टर हिमांशु भाऊ, ₹2.5 लाख का था इनाम; इंटरपोल ने जारी किया था रेड कॉर्नर नोटिस

Latest News

27 October 2026 Ka Panchang: मंगलवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Panchang 27 October 2026: 27 अक्टूबर 2026, मंगलवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है. इस दिन अशून्य...

More Articles Like This

Exit mobile version