New Delhi: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध का असर अब यूक्रेन पर पड़ता दिखाई दे रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइलें इस्तेमाल कर रहे हैं. यही मिसाइलें यूक्रेन की सुरक्षा करती हैं. इससे पैट्रियट मिसाइल और अन्य हथियारों के भंडार लगातार कम हो रहे हैं.
मिसाइलों की संभावित कमी को लेकर चिंता
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी मिसाइलों की संभावित कमी को लेकर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध यूक्रेन को मिलने वाली मिसाइलों की संख्या को प्रभावित कर सकता है. यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी एक एक्स पोस्ट में कहा गया कि रूस के खिलाफ युद्ध में करीब 1460 दिनों में पैट्रियट सिस्टम से लगभग 600 इंटरसेप्टर मिसाइलें दागी गईं.
800 इंटरसेप्टर मिसाइलें इस्तेमाल
लेकिन ईरान के खिलाफ सिर्फ 3 दिनों में ही करीब 800 इंटरसेप्टर मिसाइलें इस्तेमाल हो गईं. अमेरिका और खाड़ी देशों ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को गिराने के लिए सैकड़ों पैट्रियट मिसाइलें दागी हैं. इससे उन मिसाइलों का स्टॉक तेजी से कम हो रहा है, जिन्हें पहले यूक्रेन भेजने की योजना थी. यूरोपीय अधिकारियों को डर है कि अगर यह स्थिति जारी रही तो यूक्रेन की एयर डिफेंस क्षमता कमजोर पड़ सकती है.
ऊर्जा ढांचे पर बड़े हमले करने का मौका
इससे रूस को यूक्रेन के शहरों और ऊर्जा ढांचे पर बड़े हमले करने का मौका मिल जाएगा. संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय के अनुसार युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने 1,475 ड्रोन, 262 बैलिस्टिक मिसाइल और 8 क्रूज मिसाइल दागी हैं. इनमें से अधिकतर को अमेरिकी पैट्रियट और THAAD एयर डिफेंस सिस्टम से गिराया गया.
मिसाइलों के उत्पादन को बढ़ाने की योजना
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन पैट्रियट मिसाइलों के उत्पादन को बढ़ाने की योजना बना रही है. कंपनी ने उत्पादन को सालाना लगभग 600 से बढ़ाकर 2,000 मिसाइल तक ले जाने का लक्ष्य रखा है.
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