जंग के बीच ईरान में फंसे 9 हजार भारतीय, विदेश मंत्रालय बोला-सभी को सुरक्षित स्थानों पर भेजा

New Delhi: मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान में 9 हजार भारतीय फंसे हुए हैं. विदेश मंत्रालय के मुताबिक ईरान में इस समय जो 9,000 भारतीय नागरिकों में उनमें छात्र, नाविक, व्यवसायी, पेशेवर और कुछ तीर्थयात्री शामिल हैं. कई भारतीय नागरिक, जिनमें अधिकतर छात्र हैं, देश छोड़कर अपने घर पहुंच गए हैं. हमने तेहरान में मौजूद कई भारतीय नागरिकों को देश के अन्य सुरक्षित स्थानों और शहरों में ट्रांसफर किया है.

वीजा दिलाने में मदद

हम उन भारतीय नागरिकों की भी सहायता कर रहे हैं जो अजरबैजान और आर्मेनिया जाना चाहते हैं और वहां से कमर्शियल फ्लाइट से अपने घर लौटना चाहते हैं. हम उन्हें वीजा दिलाने में मदद कर रहे हैं. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जंग शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खाड़ी देशों के कई नेताओं से बात की. इन वार्ताओं में उन्होंने जल्द शांति बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता पर जोर दिया.

नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान

उन्होंने नागरिकों की जानमाल की हानि से बचने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया. गल्फ देशों में हमारा एक बड़ा भारतीय समुदाय है और उनकी सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है. हमने कई मामलों में देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा भी की.

भारत को दोषी ठहराना PAK की आदत

पाकिस्तान के बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल कहा कि हम ऐसे निराधार आरोपों को खारिज करते हैं. पाकिस्तान के लिए अपनी गलतियों के लिए भारत को दोषी ठहराना एक आदत सी बन गई है. दशकों से आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देश के रूप में सीमा पार आतंकवाद के मामले में पाकिस्तान की विश्वसनीयता शून्य है. कोई भी कहानी इस वास्तविकता को नहीं बदल सकती और न ही कोई पाकिस्तान के कथित पीड़ित होने के दावों से मूर्ख बन सकता है.

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