Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कब क्या कर दें कुछ कहा नही जा सकता है. ऐसे में ही उन्होंने अमेरिका के सहयोगी देश ओमान पर भी हमला करने की धमकी दी है. ट्रंप ने कहा है कि ओमान को ठीक से व्यवहार करना होगा, नहीं तो वह उसे उड़ा देंगे. उन्होंने यह बात तब कही जब उनसे पूछा गया कि ईरान और खाड़ी देश ओमान मिलकर होर्मुज के समुद्री रास्ते को नियंत्रित करें करने को लेकर एक छोटे समय के समझौते को मानेंगे या नहीं.
इस दौरान ट्रंप ने कहा कि नहीं, यह जलडमरूमध्य सबके लिए खुला रहेगा. यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र है और ओमान बाकी सबकी तरह व्यवहार करेगा, नहीं तो हमें उन्हें उड़ा देना पड़ेगा. वे यह समझते हैं, सब ठीक रहेगा.” इस बीच पत्रकारो ने व्हाइट हाउस से पूछा कि क्या ट्रंप से बोलने में गलती हुई थी, कहीं वो ओमान की जगह ईरान तो नही कहना चाहते थे. लेकिन व्हाइट हाउस ने कोई जवाब नहीं दिया.
क्या ट्रंप ने गलती में बोली यह बात?
बता दें कि ओमान, अमेरिका का एक अहम सहयोगी देश है. उसने मिडिल ईस्ट युद्ध में बीच-बचाव कराने की कोशिश की है और खुद भी तेहरान की तरफ से हमलों का सामना कर चुका है. हालांकि बाद में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के ओमान वाले बयान की वीडियो क्लिप और लिखित रिकॉर्ड भी पोस्ट किया, लेकिन उसमें कोई सुधार या सफाई नहीं दी गई. यानी लग तो नहीं रहा कि ट्रंप ने गलती से ईरान की जगह ओमान को धमकी दी है.
क्या ईरान ओमान के साथ मिलकर कंट्रोल करना चाहता है होर्मुज?
वहीं, ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में नया सिस्टम लागू करना चाहता है. इसी रास्ते से दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा तेल गुजरता है. दरअसल, ईरान चाहता है कि वहां से गुजरने वाले जहाजों से टोल लिया जाए और उसकी कमाई ओमान के साथ बांटी जाए. ट्रंप अब काफी नाराज दिख रहे हैं क्योंकि मिडिल ईस्ट युद्ध खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की बातचीत फिर अटकती नजर आ रही है. जबकि कुछ दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि समझौता बहुत करीब है. ट्रंप की सेना ने सीजफायर के बीच ईरान पर दो बार हमला करके और ईरान ने जवाबी हमला करके स्थिति को और मुश्किल बना दिया है.

