फिर जंग की आहट: ट्रंप बोले- अब कोई बातचीत नहीं, इजरायल के फाइटर जेट्स ने भी ईरान सीमा पर दिखाई ताकत

New Delhi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि US अब ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं करेगा और जल्द ही कुछ बड़ा होने वाला है. इसी बीच पश्चिम एशिया में एक बार फिर जंग की आग भड़कने का खतरा बढ़ता दिख रहा है. अमेरिका और इजरायल ईरान पर नए सैन्य हमलों की तैयारी कर रहे हैं. अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान के परमाणु ठिकानों, ऊर्जा ढांचे और मिसाइल-ड्रोन क्षमता को निशाना बनाने के विकल्पों पर विचार हो रहा है. इजरायल के लड़ाकू विमानों ने ईरान की सीमा के करीब उड़ान भरकर ऐसा कदम उठाया, जिससे हालात बिगड़ सकते थे.

कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश

दूसरी तरफ, सऊदी अरब में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों के बीच अमेरिका ने अपने दूतावास से गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है. इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ नए हमलों की योजना पर काम कर रहे हैं. संभावित अभियान में ईरान के ऊर्जा ठिकानों, परमाणु फैसिलिटीज और मिसाइल-ड्रोन भंडार को निशाना बनाया जा सकता है.

अमेरिका की सैन्य तैनाती भी बढ़ाई

रिपोर्ट में अमेरिकी अधिकारियों और इस योजना से परिचित लोगों के हवाले से बताया गया है कि दोनों देशों की सेनाएं हमले की तैयारी से जुड़े अभ्यास भी बढ़ा रही हैं. अमेरिका की सैन्य तैनाती भी बढ़ाई जा रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर की शुरुआत तक क्षेत्र में तीन एयरक्राफ्ट कैरियर, हजारों मरीन सैनिक, लड़ाकू विमान और विशेष अभियान बल तैनात किए जाने की उम्मीद है.

ट्रंप नए हमले को मंजूरी देंगे या नहीं

हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नए हमले को मंजूरी देंगे या नहीं. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि प्रशासन ऐसी सैन्य योजनाओं पर टिप्पणी नहीं करता, जो हो भी सकती हैं और नहीं भी. अधिकारी के मुताबिक, ट्रंप ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सभी विकल्प खुले रख रहे हैं. इजरायल के दर्जनों लड़ाकू विमान सोमवार को ईरान की सीमा के करीब तक उड़ान भरकर लौट आए. इस अभियान में हवा में ईंधन भरने वाले विमान भी शामिल थे.

ईरान को ताकत दिखाना उड़ान का मकसद

उड़ान का रास्ता सीरिया और इराक के हवाई क्षेत्र से होकर गुजरा और संभावित हमले की दिशा जैसा था. अमेरिकी और इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, इस उड़ान का मकसद ईरान को ताकत दिखाना और उसे इजरायल पर हमला करने से रोकना था. इजरायल ने अमेरिका को पहले ही इसकी जानकारी दी थी. लेकिन कुछ अमेरिकी अधिकारियों को आशंका थी कि इजरायल चाहता था कि ईरान इन विमानों पर हमला करे. ऐसा होने पर इजरायल को जवाबी कार्रवाई का बहाना मिल सकता था.

ईरान पर नए हमले का विकल्प रखा

अधिकारियों के मुताबिक, इस उड़ान से गलतफहमी पैदा होने और ईरान की जवाबी कार्रवाई का खतरा था, जिससे युद्ध फिर शुरू हो सकता था. इससे पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप के सामने ईरान पर नए हमले का विकल्प रखा था. हालांकि, ट्रंप ने बाद में इस पर आगे बढ़ने से परहेज किया. इजरायल में 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव भी सैन्य कार्रवाई के समय को प्रभावित कर सकते हैं.

इसे भी पढ़ें. ग्रीस में दिखा आक्रोशः अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे हजारों छात्र और शिक्षक

Latest News

27 October 2026 Ka Panchang: मंगलवार का पंचांग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

Panchang 27 October 2026: 27 अक्टूबर 2026, मंगलवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है. इस दिन अशून्य...

More Articles Like This

Exit mobile version