US Israel Iran conflict : ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग के कारण तनाव चरम पर है. इस बीच इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से फोन पर बात की. बता दें कि दोनों देशों के नेताओं के बीच बातचीत के बाद अमेरिका ने इजरायल को मजबूत समर्थन दिया है और जंग को अंजाम तक पहुंचाने के लिए कहा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार इजरायल के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि काट्ज ने ईरान के हमलों में हुई 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत पर दुख जताया और कहा कि इजरायल अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव मदद करेगा और करता रहेगा.
काट्ज ने ट्रंप और हेगसेथ का किया शुक्रिया
इसके साथ ही ट्रंप का शुक्रिया अदा करते हुए काट्ज ने कहा कि ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बीच ईरान के खिलाफ सहयोग क्षेत्रीय और वैश्विक इतिहास बदल रहा है. इतना ही नही बल्कि काट्ज ने हेगसेथ को भी धन्यवाद दिया और कहा कि हेगसेथ ने इजरायल के लिए बहुत बड़ा समर्थन दिया है. विशेष रूप से ईरानी मिसाइलों से इजरायल के नागरिकों की रक्षा में मदद की है. बता दें कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच अभूतपूर्व सहयोग से युद्ध के सभी लक्ष्य हासिल हो रहे हैं. उन्होंने काट्ज से कहा, ‘इसे अंजाम तक पहुंचाओ, हम तुम्हारे साथ हैं.’
डिमोना न्यूक्लियर साइट पर हमला कर सकता ईरान
वहीं एक ओर ईरान ने चेतावनी दी और कहा कि अगर इजरायल और अमेरिका ने ईरान को उखाड़ फेंकने की कोशिश की, तो वह इजरायल के डिमोना न्यूक्लियर साइट पर हमला कर सकता है. बता दें कि उनकी यह धमकी इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज के उस बयान के बाद आई है, उन्होंने ये भी कहा कि ईरान के नए सु्प्रीम लीडर को भी खत्म करने का लक्ष्य बनाया जा सकता है.
कब्जे वाली जगहों और अमेरिकी ठिकानों पर निशाना
इस मामले को लेकर IRGC ने कहा कि यह ऑपरेशन ‘अमेरिकी-ज़ायोनी आतंकवादियों’ के ठिकानों पर किए जा रहे हैं, इसके निशाने कब्जे वाली जगहों और अमेरिकी ठिकानों पर है. बता दें कि ये हमले ‘या हसन इब्न अली’ के नाम से शुरू हुए, जिसमें बड़े धमाके किए गए हैं. ऐसे में IRGC ने बयान दिया कि इन हमलों को ऑपरेशन के पांचवें दिन अंजाम दिया गया. लेकिन इस हमले को लेकर ईरान का कहना है कि यह हमला इजरायल और अमेरिका की ‘बिना वजह की आक्रामकता’ के जवाब में शुरू किया गया था. इस दौरान IRGC का दावा है कि उसने अमेरिका और इजरायल के 7 से ज्यादा एडवांस्ड रडार सिस्टम नष्ट कर दिए हैं. जिससे दोनों देशों का निगरानी नेटवर्क ‘अंधा’ हो गया है.
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