‘अमेरिकी एयरमैन को बचाने के लिए आपको सलाम’, नेतन्याहू ने की ‘प्रिय मित्र’ ट्रंप के जज्बे की तारीफ 

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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US-Israel war: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ पर दावा किया कि उनकी ताकतवर सेना ईरान से कर्नल को वापस ले आई है. ट्रंप के इस जज्बे की इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने तारीफ की है. वहीं, रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने संकेत दिए हैं कि इस अभियान में उनके देश की भूमिका भी अहम थी.

नेतन्याहू ने अंग्रेजी में वीडियो बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि “अमेरिका के निडर योद्धाओं द्वारा एक बहादुर अमेरिकी पायलट के अविश्वसनीय बचाव पर सभी इजरायली खुश हैं. इससे यह साबित होता है कि आजाद समाज अपनी हिम्मत और पक्के इरादे के बूते काम करता है तो मुश्किलों का सामना आसान हो जाता है.”

इजरायली पीएम ने अपने भाई योनी का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि “एक ऐसे देश के तौर पर जिसने बार-बार ऐसे हिम्मती ऑपरेशन किए, और ऐसे मिशन में घायल होने और भाई को खोने वाले शख्स के तौर पर मैं जानता हूं कि आपने कितना बड़ा फैसला लिया.” फिर ट्रंप को अपना प्रिय मित्र बताते हुए उन्होंने बातों पर विराम लगाते हुए कहा कि “राष्ट्रपति ट्रंप, डोनाल्ड, मेरे प्रिय मित्र, एक बार फिर आपकी निर्णायक लीडरशिप ने अमेरिका को एक और बड़ी जीत दिलाई; मैं आपको सलाम करता हूं! हम सब आपको सैल्यूट करते हैं!”

इससे पहले रक्षा मंत्री काट्ज के बयान को द टाइम्स ऑफ इजरायल ने प्रकाशित किया. काट्ज ने कहा कि दो अमेरिकी एयरमैन का बचाव ईरान संघर्ष में यूएस और इजरायली सेनाओं की मुश्किल समय में एक साथ काम करने की क्षमता का संकेत है. रविवार सुबह दूसरे एयरमैन को रेस्क्यू करने पर इजरायल की पहली हाई-लेवल टिप्पणी में उन्होंने कहा कि “यह इजरायल और यूनाइटेड स्टेट्स के बीच करीबी सहयोग का ये एक और उदाहरण है, यहां तक ​​कि सबसे मुश्किल पलों में भी हम साथ हैं.”

काट्ज ने कहा कि वह इसकी “तारीफ करते हैं.” इजरायली मीडिया के अनुसार, रेस्क्यू मिशन में देश की सीधी भूमिका को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं है. इसके तहत दूसरे मिशन में ईरान के एक पहाड़ी इलाके में स्पेशल ऑपरेशन सैनिकों को भेजना शामिल था. हालांकि, डिफेंस अधिकारियों ने कहा कि सर्च-एंड-रेस्क्यू ऑपरेशन में इजरायली इंटेलिजेंस ने मदद की थी.

एक इजरायली अधिकारी ने पहले कहा था कि इजरायली एयर फोर्स ने ईरान के उन इलाकों में हमले भी टाल दिए जहां सर्च की कोशिशें हो रही थीं. काट्ज का कहना है कि अगर ईरान इजरायल पर मिसाइलें दागता रहा तो उसे “बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी” और उसका नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर “तबाह” हो जाएगा. मिलिट्री अधिकारियों के साथ एक असेसमेंट के बाद उन्होंने कहा कि “जैसा कि हमने कहा है: जब तक इजरायली नागरिकों पर मिसाइलों का हमला जारी रहेगा, ईरान को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी जिससे उसका नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर खत्म हो जाएगा और ढह जाएगा.”

उन्होंने दक्षिणी ईरान में पेट्रोकेमिकल केंद्रों पर इजरायली एयर फोर्स के हमले का ऑर्डर देने के फैसले का भी बचाव किया. काट्ज ने कहा कि “पेट्रोकेमिकल इंडस्ट्री ने पिछले दो सालों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के लिए लगभग 18 बिलियन डॉलर कमाए हैं, और यह सीधे ईरान की मिसाइल प्रोडक्शन इंडस्ट्री को सर्विस देता है.”

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