ईरानी ड्रोन्स के सामने अमेरिकी पैट्रिएट डिफेंस मिसाइल सिस्टम ध्वस्त, चिंता में पडे ट्रंप, हटाने का दिया आदेश

US-Iran War: अमेरिका और ईरान जंग के बीच अब एक ताजा रिपोर्ट सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ऐसी तबाही और बर्बादी आगे के अपना सात जन्मों में भी नहीं भूल पाएंगे. पैट्रिएट मिसाइल सिस्टम के पंचर होने के बाद अमेरिकी युद्धपोतों को लेकर एक बुरी खबर आ रही है. अमेरिकी युद्धपोत संभवतः ईरान के साथ जंग में बुरी तरह फेल साबित हुए हैं.

पुरानी तकनीक को अपनाए

इसी कारण ट्रंप ने अपनी नौसेना को आदेश दिया है कि वह अपने एयरक्राफ्ट कैरियर से फाइटर जेट को लॉन्च करने वाली आधुनिक तकनीक तो बदलकर पुरानी तकनीक को अपनाए. इस प्रक्रिया में अमेरिकी सेना को अरबों डॉलर का नुकसान होने वाला है. अमेरिकी नौसेना के सबसे आधुनिक विमानवाहक पोतों में फोर्ड क्लास को सबसे उन्नत माना जाता है. इन युद्धपोतों पर लड़ाकू विमानों को उड़ान भराने के लिए पारंपरिक भाप से चलने वाले कैटापल्ट की जगह इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एयरक्राफ्ट लॉन्च सिस्टम यानी ईएमएएलएस लगाया गया है.

पुराने सिस्टम की कमियों को दूर करना मकसद 

यह तकनीक चुंबकीय शक्ति के जरिए विमान को बेहद तेजी से डेक से हवा में भेजती है. इसका मकसद पुराने सिस्टम की कमियों को दूर करना था. लेकिन, अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी अत्याधुनिक तकनीक को हटाने का आदेश दिया है. गुरुवार को जारी निर्देश में रक्षा मंत्रालय और नौसेना से दो महीने के भीतर योजना पेश करने को कहा गया है. इसके तहत ईएमएएलएस को हटाकर पुराने भाप आधारित कैटापल्ट लगाने की तैयारी है.

इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हथियार लिफ्ट को भी बदलने का निर्देश

इतना ही नहीं, फोर्ड क्लास के विमानवाहक पोतों में लगे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हथियार लिफ्ट को भी बदलने का निर्देश दिया गया है. यह फैसला अचानक नहीं आया है. ट्रंप लंबे समय से ईएमएएलएस के आलोचक रहे हैं. अपने पहले कार्यकाल के दौरान 2017 में टाइम मैगजीन को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने इस तकनीक को लेकर सवाल उठाए थे. उनका कहना था कि नया सिस्टम अच्छा नहीं है और पुराने भाप वाले सिस्टम जितनी ताकत नहीं देता.

दोबारा अपनाने का निर्देश

ट्रंप की पसंद पुराने भाप आधारित कैटापल्ट को लेकर पहले भी कई बार सामने आती रही है. अब उन्होंने राष्ट्रपति के तौर पर नौसेना को इसे दोबारा अपनाने का निर्देश दे दिया है. यानी अमेरिका की सबसे आधुनिक विमानवाहक पोत तकनीक में एक तरह से उल्टी दिशा में कदम उठाया जा रहा है. सवाल उठता है कि जब अमेरिका ने अरबों डॉलर खर्च करके आधुनिक तकनीक विकसित की तो अब उसे हटाने की जरूरत क्यों पड़ रही है?

विमान ज्यादा नियंत्रित तरीके से लॉन्च

ईएमएएलएस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पारंपरिक भाप आधारित कैटापल्ट की तुलना में विमान को ज्यादा नियंत्रित तरीके से लॉन्च कर सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक इससे अलग-अलग वजन वाले विमानों को लॉन्च करने में ज्यादा लचीलापन मिलता है. इसमें जगह भी कम लगती है. इसे संचालित करने के लिए कम संख्या में नौसैनिकों की जरूरत होती है. हालिया जानकारी के मुताबिक यूएसएस गेराल्ड आर.

जहाजों पर पर्याप्त सैनिकों की कमी

फोर्ड पर कैटापल्ट संचालन के लिए जरूरी कर्मियों की संख्या करीब एक दर्जन से घटकर सिर्फ दो तक पहुंच गई है. यानी जिस समय अमेरिकी नौसेना खुद अपने जहाजों पर पर्याप्त सैनिकों की कमी से जूझ रही है, उसी समय कम कर्मचारियों वाली तकनीक को हटाने का फैसला सवाल खड़े करता है.

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