New York: अमेरिका के ओहायो में पूर्व अमेरिकन आइडल प्रतियोगी कैलिब फ्लिन पर अपनी पत्नी एश्ली की हत्या का मुकदमा चल रहा है. अभियोजन पक्ष का आरोप है कि फ्लिन ने अपनी प्रेमिका अलेइघा बॉटनर के साथ मिलकर पत्नी की हत्या की साजिश रची थी. इस मामले में करीब 18 महीने के प्रेम संबंध के दौरान भेजे गए 1.07 लाख से ज्यादा संदेश, पत्नी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक बातें और एआई की मदद से बनाए गए प्रेम गीत अदालत में चर्चा का प्रमुख हिस्सा बने हैं.
किसी घुसपैठिए ने घर में घुसकर गोली मारी
फ्लिन ने एश्ली की हत्या के आरोप से इनकार किया और खुद को निर्दोष बताया है. उसका कहना है कि किसी घुसपैठिए ने घर में घुसकर उसकी पत्नी को गोली मारी और वहां से भाग गया. अभियोजन पक्ष इस दावे पर सवाल उठा रहा है और कह रहा है कि घर में जबरन प्रवेश के कोई स्पष्ट सबूत नहीं मिले हैं. हत्या में इस्तेमाल बंदूक भी अब तक बरामद नहीं हुई है. अदालत में गवाही के दौरान सामने आया कि बॉटनर की फ्लिन से मुलाकात 2022 में ओहायो के एक चर्च में हुई थी.
प्रेम संबंध मार्च 2024 में शुरू हुआ
उस समय बॉटनर 21 वर्ष की थीं और वहां प्रशिक्षु के तौर पर काम कर रही थीं, जबकि फ्लिन चर्च की संगीत टीम से जुड़े स्वयंसेवक थे. दोनों के बीच प्रेम संबंध मार्च 2024 में शुरू हुआ. बॉटनर ने अदालत को बताया कि उनका रिश्ता काफी गुप्त था. वे सप्ताह में कम से कम एक बार मिलते थे और कभी- कभी ऐसे आसपास के शहरों में जाते थे, जहां उनके पहचाने जाने की संभावना कम हो. दोनों ने शादी करने की बात भी की थी. उन्होंने हैरी पॉटर से जुड़े बिजली की चमक जैसे निशान वाले एक जैसे टैटू भी बनवाए थे.
दोनों के बीच संदेशों को अहम साक्ष्य के तौर पर पेश
बॉटनर के हाथ पर यह टैटू था जबकि फ्लिन ने इसे अपनी बगल में बनवाया था. बॉटनर के अनुसार फ्लिन नहीं चाहता था कि उसकी पत्नी एश्ली इसे देखे. अभियोजन पक्ष ने अदालत में दोनों के बीच हुए संदेशों को अहम साक्ष्य के तौर पर पेश किया है. बॉटनर और फ्लिन ने आईमैसेज, व्हाट्सऐप और ग्रुपमी जैसे माध्यमों से लगभग 18 महीनों में 1,07,000 से अधिक संदेश भेजे. बॉटनर ने इस सप्ताह अदालत में करीब सात घंटे गवाही दी और दोनों के बीच हुई बातचीत के कई हिस्से पढ़े. इन संदेशों से दोनों के रिश्तेए शादी को लेकर उनकी बातचीत और फ्लिन की पत्नी के प्रति उसके कथित रवैये को सामने लाने की कोशिश अभियोजन पक्ष ने की.
इसे भी पढ़ें. पहले आतंकी हमलों के बाद इंतजार होता था, अब जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी, ‘मन की बात’ में बोले पीएम मोदी

