US Strait of Hormuz : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में युद्धपोत भेजने की तैयारी कर रहा है. ऐसे में उन्होंने अन्य देशों से भी अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते की सुरक्षा के लिए अपने जहाज भेजें. प्राप्त जानकारी के अनुसार स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया में तेल की सप्लाई के लिए बेहद अहम माना जाता है. कुछ समय से दोनों देशों के बीच तनाव के कारण इस क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. बता दें कि ट्रंप की इस अपील के बाद चीन और ब्रिटेन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. फिलहाल अभी तक दोनों देशों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे इस क्षेत्र में अपने युद्धपोत भेजेंगे या नहीं.
जानकारी के मुताबिक, अमेरिका में मौजूद चीनी दूतावास के प्रवक्ता का कहना है कि चीन चाहता है कि दुश्मनी तुरंत खत्म हो और सभी पक्ष स्थिर और बिना रुकावट ऊर्जा सप्लाई सुनिश्चित करें. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मिडिल ईस्ट के देशों के साथ चीन अपने संबंधों को मजबूत करते हुए तनाव कम करने की कोशिश करेगा. इसी प्रकार से ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि यूके अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर इस इलाके में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई विकल्पों पर चर्चा कर रहा है.
ईरान के खिलाफ बोले ट्रंप
बता दें कि इसके पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट के दौरान ट्रंप ने कहा था कि कई देश अमेरिका के साथ मिलकर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को खुला और सुरक्षित रखने के लिए युद्धपोत भेजेंगे. ऐसे में उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि चीन, फ्रांस, जापान, साउथ कोरिया और ब्रिटेन जैसे देश भी इसमें शामिल हो सकते हैं.
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की सैन्य क्षमता खत्म- ट्रंप
इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की सैन्य क्षमता काफी हद तक खत्म हो चुकी है. लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि ड्रोन, माइन या छोटी दूरी की मिसाइलों से इस समुद्री रास्ते को खतरा हो सकता है. साथ ही एक और पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि ईरान की योजना पूरे मिडिल ईस्ट पर कब्जा करने और इजरायल को नष्ट करने की थी, लेकिन अब उसकी योजनाएं विफल हो चुकी हैं.
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