US Syria Relations: अमेरिका ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के ठिकानों पर अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ के तहत चल रहे अभियान का नया वीडियो और जानकारी जारी की है. अमेरिका द्वारा यह कार्रवाई दिसंबर में पलमायरा में हुए हमले के बाद शुरू की गई है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों और एक अमेरिकी इंटरप्रेटर की मौत हो गई थी. इस दौरान अमेरिका ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अपने सैनिकों पर हमले का जवाब सख्ती से दिया जाएगा.
पलमायरा हमले के बाद शुरू हुआ अभियान
बता दें कि 13 दिसंबर के पलमायरा में गोलीबारी हुई थी, जिसके बाद 19 दिसंबर को ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक शुरू किया गया था. हालांकि हमलावर को दौरोन मौके पर ही मार गिराया गया था. उस वक्त हमलावर को हाल ही में सीरियाई सुरक्षा बलों में भर्ती बताया गया था और उसके चरमपंथी संगठनों से जुड़े होने की बात सामने आई थी. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान हमले के जिम्मेदार लोगों को जवाब देने और आईएसआईएस को दोबारा मजबूत होने से रोकने के लिए शुरू किया गया.
फरवरी में 10 सटीक हमले
रिपोर्ट के मुताबिक, 3 फरवरी से 12 फरवरी के बीच अभियान के नए चरण में 10 सटीक हवाई हमले किए गए, जिसमें आईएसआईएस से जुड़े 30 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया. इनमें हथियारों के गोदाम, संचार नेटवर्क और रसद केंद्र शामिल थे, जो संगठन की गतिविधियों में मदद कर रहे थे.
किन-किन विमानों का हुआ इस्तेमाल
इस अभियान में एफ-15ई स्ट्राइक ईगल, ए-10 वार्थॉग, एसी-130जे घोस्टराइडर और एमक्यू-9 रीपर ड्रोन जैसे विमान शामिल रहे. इसके अलावा जॉर्डन के एफ-16 विमानों ने भी सहयोग दिया. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ऑपरेशन शुरू होने के बाद से अब तक 50 आईएसआईएस लड़ाकों को मार गिराया गया है या गिरफ्तार किया गया है.
‘हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाया तो जवाब मिलेगा’
इसी बीच सेंटकॉम ने अपने बयान में कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यदि अमेरिकी सैनिकों को नुकसान पहुंचाया गया तो जिम्मेदार लोगों को दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढकर मारा जाएगा. उस वक्त रक्षामंत्री पीट हेगसेथ ने इसे व्यापक युद्ध की शुरुआत नहीं, बल्कि एक ‘सीमित और निशाना बनाकर की गई कार्रवाई’ बताया था. उन्होंने इसे ‘बदले की घोषणा’ कहा था.
5,700 संदिग्धों को भेजा गया इराक
इस दौरान क्षेत्र में स्थिरता बनाएं रखने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों ने एक और बड़ा कदम उठाया है. सेंटकॉम के मुताबिक, सीरिया की जेलों में बंद 5,700 से ज्यादा आईएसआईएस संदिग्धों को इराक भेजा गया है. अधिकारियों का कहना है कि इससे जेल तोड़कर भागने की आशंका कम होगी और संगठन को दोबारा ताकत जुटाने से रोका जा सकेगा.
अमेरिका का कहना है कि सीरिया में बदलते हालात के बीच आईएसआईएस को फिर से सक्रिय होने से रोकना उसकी प्राथमिकता है और ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक इसी रणनीति का हिस्सा है.
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