Washington: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक से पहले फ़िलिस्तीन को बडा झटका लगा है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फ़िलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास समेत 80 अन्य अधिकारियों के वीज़ा रद्द कर दिए हैं. फिलिस्तीन के प्रतिनिधियों ने बड़ी बैठक में शामिल होकर हिस्सा ले रखा था. यह पहला मौका है जब अमेरिका ने किसी विदेशी प्रतिनिधिमंडल को इतनी बड़ी संख्या में वीज़ा से वंचित किया है.
अंतर्राष्ट्रीय कानून और UN मुख्यालय समझौते का उल्लंघन
उधर, फ़िलिस्तीन प्राधिकरण (PA) ने इस निर्णय को अंतर्राष्ट्रीय कानून और UN मुख्यालय समझौते का उल्लंघन बताया है. विदेश विभाग के मुताबिक यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा हितों के मद्देनजर उठाया गया है. इसका उद्देश्य प्लेस्टिनियन अथॉरिटी और प्लेस्टाइन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन को उनके शांति प्रयासों में कमी और आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोपों के लिए जवाबदेह बनाना है.
PA और PLO आतंकवाद का लगातार करें निंदनीय समर्थन
अमेरिका चाहता है कि PA और PLO आतंकवाद का लगातार निंदनीय समर्थन करें. शिक्षा में आतंकवाद को बढ़ावा न दें. जैसा PLO ने वादा किया था. अब्बास समेत कई अधिकारियों के वीज़ा रद्द हो गए, लेकिन UN के न्यूयॉर्क मिशन पर काम करने वाले प्रतिनिधियों को विशेष छूट दी गई है, ताकि वे अपने काम जारी रख सकें. फ़िलिस्तीन प्राधिकरण ने इस निर्णय को अंतर्राष्ट्रीय कानून और UN मुख्यालय समझौते का उल्लंघन बताया
अमेरिका से इस फैसले पर स्पष्टीकरण चाहेंगे
उन्होंने अमेरिका से इस फैसले को पलटने का अनुरोध किया. UN के प्रवक्ता स्टीफ़ेन डुजारिक ने कहा कि वे अमेरिका से इस फैसले पर स्पष्टीकरण चाहेंगे. क्योंकि, सभी सदस्य और स्थायी पर्यवेक्षक देश की प्रतिनिधित्व की बाध्यता बनी रहनी चाहिए. यह कदम उस समय आया जब कई पश्चिमी देशों जैसे फ़्रांस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया- UNGA में फिलिस्तीन की राज्य को मान्यता देने पर विचार कर रहे हैं.
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