Washington: ईरान से चल रहे युद्ध और तनाव के बीच अमेरिकी सेना में बड़ा बदलाव किया गया है. जवानों के लिए नई स्वास्थ्य पहल की घोषणा की गई है. इसके तहत हर साल टेस्टोस्टेरोन टेस्ट अनिवार्य होगा. वहीं 30 साल से कम उम्र के सैनिक चाहें तो स्वेच्छा से यह जांच करा सकेंगे. अमेरिका के रक्षा मंत्री (सेक्रेटरी ऑफ वॉर) पीट हेगसेथ ने इस नई स्वास्थ्य पहल की घोषणा की है. इससे पहले भी सेना में फिटनेस मानकों को और सख्त किया गया था.
टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी का विकल्प
हेगसेथ ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर स्वाभाविक रूप से कम होने लगता है. इससे मांसपेशियां कमजोर होना, थकान, वजन बढ़ना और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे मामलों में जरूरत पड़ने पर सैनिकों को टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (TRT) का विकल्प भी दिया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना कृत्रिम प्रदर्शन बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि सैनिकों की प्राकृतिक क्षमता को बनाए रखने और लंबे समय तक फिट रखने के लिए है.
ट्रंप प्रशासन की नीति का हिस्सा
यह फैसला ट्रंप प्रशासन की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें शारीरिक फिटनेस और पारंपरिक सैन्य मानकों पर जोर दिया जा रहा है. इससे पहले भी सेना में फिटनेस मानकों को और सख्त किया गया था. विशेषज्ञों के अनुसार, 30 से 79 वर्ष की उम्र के लगभग 5.6% पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की कमी पाई जाती है, जिससे मधुमेह, हृदय रोग, ऑस्टियोपोरोसिस और अवसाद जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है.
एक बेहतर स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल
नई पॉलिसी की घोषणा स्थानीय समयानुसार बुधवार को की गई और पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने कहा कि रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने परफॉर्मेंस को ऑप्टिमाइज करने, ऑपरेटर सिंड्रोम से निपटने और मिशन की तैयारी को मैक्सिमाइज करने के लिए एक बेहतर स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल का निर्देश दिया था.
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