Wipro Q1 Results FY27: देश की दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो (Wipro) ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. कंपनी का शुद्ध मुनाफा तिमाही आधार पर घटा है, जबकि आय में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है. इसके साथ ही कंपनी ने निवेशकों के लिए ₹2 प्रति इक्विटी शेयर अंतरिम डिविडेंड की भी घोषणा की है. तिमाही नतीजों में ऑपरेटिंग मार्जिन में गिरावट, आय में सीमित बढ़ोतरी और भविष्य के कारोबार को लेकर कंपनी का गाइडेंस भी सामने आया है.
तिमाही आधार पर घटा कंपनी का मुनाफा
एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की जून तिमाही में विप्रो का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 4.7 प्रतिशत घटकर 3,352 करोड़ रुपये रह गया. पिछली तिमाही की तुलना में कंपनी के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि सालाना आधार पर मुनाफा लगभग स्थिर रहा.
आय में दर्ज हुई बढ़ोतरी
जून तिमाही के दौरान कंपनी की सकल आय 24,480 करोड़ रुपये रही. यह पिछले तिमाही की तुलना में करीब 1 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10.6 प्रतिशत अधिक है. इससे साफ है कि कंपनी की आय में बढ़ोतरी जारी रही, हालांकि मुनाफे पर दबाव बना रहा.
ऑपरेटिंग मार्जिन में आई गिरावट
परिचालन स्तर पर भी कंपनी को दबाव का सामना करना पड़ा. जून तिमाही में आईटी सर्विसेज का ऑपरेटिंग मार्जिन 16% रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 1.3% अंक और पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 1.2% अंक कम है. यह संकेत देता है कि बढ़ती लागत और अन्य कारोबारी चुनौतियों का असर कंपनी की लाभप्रदता पर पड़ा है.
ऑपरेटिंग कैश फ्लो में सुधार
हालांकि, कैश फ्लो के मोर्चे पर कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा. वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में ऑपरेटिंग कैश फ्लो 3.6 प्रतिशत बढ़कर 3,290 करोड़ रुपये हो गया. यह तिमाही के दौरान कंपनी की शुद्ध आय का 98 प्रतिशत रहा, जिसे मजबूत नकदी प्रवाह का संकेत माना जा रहा है.
एट्रिशन रेट और गाइडेंस क्या कहती है?
विप्रो की वॉलंटरी एट्रिशन रेट पिछले 12 महीनों के आधार पर 13.9 प्रतिशत रही. वहीं कंपनी ने अगले समय के लिए गाइडेंस जारी करते हुए कहा कि उसके आईटी सर्विसेज कारोबार की आय 1.5 प्रतिशत की गिरावट से लेकर 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के दायरे में रह सकती है.
AI को लेकर क्या बोले CEO श्रीनी पल्लिया?
विप्रो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) श्रीनी पल्लिया ने कहा कि अब ग्राहक केवल तकनीकी आधुनिकीकरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे तेजी से AI-सक्षम परिचालन मॉडल अपना रहे हैं, जिससे गुणवत्ता, मजबूती और उत्पादकता में सुधार हो रहा है. उन्होंने कहा कि विप्रो का कंसल्टिंग-आधारित और AI-संचालित दृष्टिकोण ग्राहकों को उनके व्यवसाय के केंद्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शामिल करने में मदद कर रहा है. यह कंपनी की क्षमताओं और ग्राहकों के भरोसे को दर्शाता है.
₹2 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान
तिमाही नतीजों के साथ कंपनी के निदेशक मंडल ने ₹2 प्रति इक्विटी शेयर अंतरिम लाभांश (Interim Dividend) देने की भी घोषणा की है. इससे कंपनी के शेयरधारकों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा. गुरुवार को बीएसई पर विप्रो का शेयर 1.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹177.80 पर बंद हुआ. हालांकि, लंबी अवधि में शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा है. कंपनी का शेयर पिछले 6 महीनों में 33.56 प्रतिशत, पिछले 1 वर्ष में 32.38 प्रतिशत और 5 वर्षों में 38.49 प्रतिशत तक गिर चुका है. इससे साफ है कि हाल के वर्षों में शेयर निवेशकों को अपेक्षित रिटर्न नहीं दे पाया है.
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