Washington: वेनेजुएला के बाद ईरान में अमेरिका की एंट्री हो सकती है. 2 जनवरी को एक बयान में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि यदि ईरानी अधिकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा का इस्तेमाल करते हैं तो अमेरिका जवाब देने के लिए लॉक्ड एंड लोडेड है. बता दें कि ईरान के कई प्रांतों में बिगड़ती आर्थिक स्थिति को लेकर फैलते प्रदर्शनों के बीच ट्रंप ने यह बयान दिया.
अमेरिका बचाव के लिए आएगा आगे
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है और उन्हें हिंसक तरीके से मारता है, जैसा कि उनकी परंपरा रही है तो संयुक्त राज्य अमेरिका उनके बचाव के लिए आगे आएगा. हम पूरी तरह तैयार हैं. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!. उधर, ईरान में शासन सत्ता के खिलाफ आंदोलन जोर पकड़ रहा है. बीते साल के आखिरी हफ्ते में तेहरान के बाजार बंद से शुरू हुआ अभियान देश के अन्य हिस्सों में फैल गया है.
जारी अशांति के जवाब में संभावित नीतिगत विकल्पों का आकलन
लोगों के बीच अली खामनेई के खिलाफ नारे लगाए जा रहे हैं, तो कहीं-कहीं रेजा पहलवी के समर्थन में भी नारेबाजी हो रही है. अमेरिका और इजरायल के अधिकारी ईरान में जारी अशांति के जवाब में संभावित नीतिगत विकल्पों का आकलन कर रहे हैं. द जेरूसलम पोस्ट और अन्य इजरायली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि इन आंदोलनों के बाद दोनों देशों के बीच विचार-विमर्श चल रहा है. ईरान के विभिन्न शहरों में लगातार विरोध प्रदर्शन जारी हैं और वेनेजुएला में अमेरिका की हालिया कार्रवाइयों ने क्षेत्रीय रणनीतिक गणनाओं को प्रभावित किया है.
ऐसे आंदोलनों को दबाने में सफलता
द जेरूसलम पोस्ट लिखता है कि ईरान में समय-समय पर विरोध-प्रदर्शनों की लहरें उठती रही हैं, जिनके पीछे आर्थिक दबाव, राजनीतिक दमन और मौलवी शासन के प्रति असंतोष जैसे कारण रहे हैं. हालांकि ईरानी अधिकारियों ने पहले ऐसे आंदोलनों को दबाने में सफलता पाई है लेकिन मौजूदा प्रदर्शनों की निरंतरता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर ध्यान खींचा है. वहीं टाइम्स ऑफ इजरायल की एक रिपोर्ट के अनुसार ईरान में प्रदर्शनों से जुड़ी हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 35 हो गई है.
अब तक 1,200 से ज्यादा लोग हिरासत में
अखबार ने अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के हवाले से बताया कि एक सप्ताह से अधिक समय से जारी इन प्रदर्शनों में अब तक 1,200 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है. एजेंसी के अनुसार मारे गए लोगों में 29 प्रदर्शनकारी, चार बच्चे और ईरान की सुरक्षा बलों के दो सदस्य शामिल हैं. प्रदर्शन ईरान के 31 में से 27 प्रांतों के 250 से अधिक स्थानों तक फैल चुके हैं. वहीं ईरानी फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि इन प्रदर्शनों के दौरान 250 पुलिसकर्मी और स्वयंसेवी बसीज बल के 45 सदस्य घायल हुए हैं.
इसे भी पढ़ें. No Helmet No Highway: बिना हेलमेट हाईवे पर एंट्री बंद, पुलिस का सख्त आदेश, चालान से पहले चेतावनी