No Helmet No Highway: बिना हेलमेट हाईवे पर एंट्री बंद, पुलिस का सख्त आदेश, चालान से पहले चेतावनी

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

No Helmet No Highway: यदि आप दुपहिया वाहन से अक्सर हाईवे पर यात्रा करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने एक सख्त और अलग तरह का अभियान शुरू किया है. इस अभियान को नाम दिया गया है ‘नो हेलमेट, नो हाईवे’. नए नियम के तहत बिना हेलमेट पहने दोपहिया चालकों को दिल्ली–देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी.

एसएसपी संजीव कुमार वर्मा के निर्देश पर पुलिस ने शहर के 66 स्थानों को चिन्हित कर नाकाबंदी कर दी है. सोमवार शाम से शुरू हुए इस अभियान के तहत पुलिस सड़कों पर उतर आई है. फिलहाल पुलिस का उद्देश्य चालान काटना नहीं, बल्कि आम लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करना है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह ढील केवल कुछ समय के लिए दी जा रही है और इसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

66 जगहों पर नाकाबंदी

पुलिस ने मुजफ्फरनगर नगर क्षेत्र में स्थित दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 (Delhi Dehradun Highway Muzaffarnagar) और मेरठ-हरिद्वार हाईवे को जोड़ने वाले रास्तों पर कुल 66 चेकपॉइंट्स बनाए हैं. गांव-देहात या शहर की गलियों से निकलकर जो भी लिंक रोड हाईवे की तरफ जाते हैं, वहां पुलिस तैनात है. अभियान के पहले ही दिन पुलिस ने बिना हेलमेट चल रहे दुपहिया वाहन चालकों को हाईवे पर प्रवेश नहीं करने दिया.

ऐसे बाइक सवारों को मौके पर रोका गया, नियमों की जानकारी दी गई और हेलमेट पहनकर आने के बाद ही हाईवे पर जाने की अनुमति देने की बात कही गई.

दो चरणों में चलेगा अभियान

पहला चरण (अगले 7 दिन): इस चरण में अभियान का पूरा फोकस लोगों को जागरूक करने पर रहेगा. इस दौरान पुलिस किसी भी प्रकार का चालान नहीं काटेगी. बिना हेलमेट चल रहे दुपहिया चालकों को रोका जाएगा, उन्हें समझाया जाएगा कि दुर्घटना के समय हेलमेट किस तरह जान बचाने में मदद करता है और हेलमेट पहनकर आने के लिए वापस भेजा जाएगा.

दूसरा चरण (7 दिन बाद): जागरूकता अवधि पूरी होने के बाद भी यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी. इस दौरान भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ वाहन जब्त (Vehicle Seizure) करने की कार्रवाई भी की जा सकती है.

क्यों पड़ी जरूरत?

बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और उनमें दुपहिया वाहन चालकों की मौत के आंकड़ों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. पुलिस का मानना है कि हेलमेट न केवल एक्सीडेंट की संभावना को कम करता है, बल्कि दुर्घटना होने पर जीवन बचने की संभावना को कई गुना बढ़ा देता है. मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा शुरू किया गया ‘नो हेलमेट, नो हाईवे’ अभियान एक प्रशंसनीय कदम माना जा रहा है. इसका मकसद जुर्माने के जरिए राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं में कीमती जिंदगियों को बचाना है.

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