Uzbekistan India Trade Deal: भारत और उज़्बेकिस्तान ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देते हुए ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुंचाने का फैसला किया है. रविवार को दोनों देशों ने 11 समझौतों और MoU पर हस्ताक्षर करने के साथ ही पांच प्रमुख घोषणाएं भी की है, जिसके तहत, दोनों देशों के बीच साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही, ऊर्जा और रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण फैसले हुए हैं.
बता दें कि भारत और उज़्बेकिस्तान ने यूरेनियम की आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक व्यवस्था स्थापित करने पर सहमति जताई है. इसके अलावा महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों और भूविज्ञान के क्षेत्र में सहयोग के लिए भी समझौता हुआ है, जिसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक खनिजों की जरूरतों के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
UPI को उज़्बेकिस्तान के UZQR सिस्टम से जोड़ने दिशा में बड़ा कदम
इसके अलावा, भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था UPI को उज़्बेकिस्तान के UZQR सिस्टम से जोड़ने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है, जिसके तहत भारतीय UPI ऐप से उज़्बेकिस्तान में व्यापारियों के UZQR को स्कैन कर भुगतान किया जा सकेगा. इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी और कारोबारी लेनदेन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
किन-किन क्षेत्रों में हुए समझौते
दोनों देशों के बीच हुए समझौतों में 2026-30 के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, पर्यटन सहयोग, आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन, उच्च शिक्षा एवं वैज्ञानिक अनुसंधान तथा आर्थिक-वित्तीय संवाद जैसे क्षेत्र शामिल हैं. इसके अलावा भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार और उज़आर्काइव के बीच सहयोग, राजनयिक प्रशिक्षण के लिए सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट और उज़्बेक डिप्लोमैटिक एकेडमी के बीच सहयोग भी तय हुआ है.
बौद्ध विरासत के संरक्षण पर समझौता
उज़्बेकिस्तान के तेरमेज स्थित फयाज तेपा और कारा तेपा बौद्ध स्थलों के संरक्षण एवं पुनर्स्थापना के लिए Letter of Intent पर सहमति बनी है. यह समझौता भारत और मध्य एशिया के बीच ऐतिहासिक एवं सभ्यतागत संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
अराल सागर और हिंदी को लेकर भी घोषणाएं
भारत अराल सागर क्षेत्र में वनीकरण के लिए 10 लाख डॉलर की सहायता देगा. वहीं, हिंदी के अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए 100 लाल बहादुर शास्त्री स्कॉलरशिप की घोषणा की गई है. ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी में ICCR संस्कृत चेयर स्थापित करने का भी फैसला हुआ है.
भारत के गुजरात और उज़्बेकिस्तान के समरकंद क्षेत्र के बीच पार्टनरशिप संबंध स्थापित करने के समझौते पर भी हस्ताक्षर हुए. इससे दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने का रास्ता खुलेगा. कुल मिलाकर, रणनीतिक साझेदारी का अपग्रेड, यूरेनियम और क्रिटिकल मिनरल्स में सहयोग तथा UPI–UZQR कनेक्टिविटी भारत-उज़्बेकिस्तान संबंधों के तीन सबसे महत्वपूर्ण आयाम बनकर उभरे हैं.