New Delhi: अमेरिका की प्रतिष्ठित पत्रिका ‘TIME’ ने अपनी वार्षिक ‘TIME 100 Next’ लिस्ट जारी की है, जिसमें दुनिया भर के उन उभरते हुए सितारों को जगह दी जाती है जो भविष्य को आकार दे रहे हैं. इस प्रतिष्ठित लिस्ट में जगह बनाने वाले वैभव सूर्यवंशी इकलौते भारतीय एथलीट हैं. पंद्रह साल के वैभव सूर्यवंशी इस सूची के सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं और पूरी दुनिया से चुने गए केवल सात एथलीटों में से एक हैं. टाइम की सीईओ जेसिका सिब्ले ने इस सूची के बारे में कहा कि इस साल की लिस्ट-निर्माता सीमाओं को पार कर रहे हैं, नई संभावनाओं को जन्म दे रहे हैं और दुनिया भर में अपने क्षेत्रों तथा समुदायों को आगे बढ़ा रहे हैं.
सबसे रोमांचक और ऊर्जावान चेहरों में से एक
‘फेनोम’ श्रेणी में शामिल करते हुए ‘TIME’ ने लिखा है कि वैभव सूर्यवंशी तेजी से वैश्विक खेल के सबसे रोमांचक और ऊर्जावान चेहरों में से एक बनते जा रहे हैं. वैभव सूर्यवंशी की इस अद्भुत सफलता की कहानी साल 2024 से गति पकड़ती है, जब उन्होंने महज 12 वर्ष की उम्र में रणजी ट्रॉफी में सीनियर स्तर पर अपना पेशेवर क्रिकेट डेब्यू किया था. प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के भारतीयों में से एक बनने के बाद, उन्हें आईपीएल 2025 सीजन से पहले राजस्थान रॉयल्स ने 1 करोड़ रुपये की बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल कर लिया था.
वैभव ने मैदान पर तहलका मचा दिया
दुनिया की सबसे मशहूर टी-20 फ्रेंचाइजी लीग के अपने पहले ही सीजन में वैभव ने मैदान पर तहलका मचा दिया. उन्होंने सात पारियों में कुल 252 रन बनाए, जिसमें गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेली गई 35 गेंदों की तूफानी शतकीय पारी भी शामिल थी. यह उस समय आईपीएल में किसी भारतीय द्वारा लगाया गया सबसे तेज शतक था. अपने दूसरे सीजन यानी इस साल, वैभव ने राजस्थान रॉयल्स के लिए एक शानदार और पूर्ण बल्लेबाजी सत्र का आनंद लिया. उन्होंने एक शतक और पांच अर्धशतकों की मदद से 776 रन बटोरे और इस सीजन में सबसे अधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज के रूप में उभरे.
वैभव ने भारत के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया
वैभव ने 16 मैचों में कुल 72 छक्के जड़े, जिससे उन्होंने टी-20 के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के पिछले रिकॉर्ड को 20 छक्कों के अंतर से पीछे छोड़ दिया. इसके तुरंत बाद, जुलाई में मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलकर वैभव ने भारत के लिए अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया. यह पंद्रह साल का युवा खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करने वाला अब तक का सबसे कम उम्र का पुरुष खिलाड़ी बन गया और उसने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया.
सर्वोच्च स्कोर के साथ कुल 193 रन बनाए
वैभव ने इसके बाद से छह टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ 81 रनों के सर्वोच्च स्कोर के साथ कुल 193 रन बनाए हैं. वह जापान में एक्शन में मौजूद भारत की एशियाई खेलों की क्रिकेट टीम का भी हिस्सा हैं. सीनियर क्रिकेट के अपने केवल तीसरे सीजन में इस बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज ने अन्य फॉर्मेट में भी अपनी गहरी छाप छोड़ी है. जून में कोलंबो में श्रीलंका ए के खिलाफ भारत ए की त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल के दौरान वैभव ने केवल 11 गेंदों में सबसे तेज लिस्ट ए अर्धशतक बनाकर विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया था.
अन्य एथलीटों को जगह मिली
इसके बाद अगस्त में उन्हें दलीप ट्रॉफी में विजयी ईस्ट जोन टीम का उप-कप्तान भी बनाया गया. टाइम की इस प्रतिष्ठित सूची में वैभव सूर्यवंशी के अलावा जिन अन्य एथलीटों को जगह मिली है, उनमें अमेरिकी क्वार्टरबैक आर्च मैनिंग, एनबीए स्टार टायरीस मैक्सि, फुटबॉलर नाओमी गिरमा और फोलारिन बालोगुन, टेनिस खिलाड़ी एलेक्सा ईला और बास्केटबॉल खिलाड़ी ओलिविया माइल्स शामिल हैं.
प्रतिभा और कड़ी मेहनत का सही मेल
वैभव सूर्यवंशी का यह सफर इस बात का प्रमाण है कि यदि प्रतिभा और कड़ी मेहनत का सही मेल हो, तो उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है. बिहार के इस छोटे से शहर से निकलकर वैश्विक पटल पर भारत का परचम लहराने वाले वैभव आज करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं और आने वाले समय में वह भारतीय क्रिकेट को और भी ऊंचाइयों पर ले जाने का माद्दा रखते हैं.
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